छह साल बाद भी अधूरी सड़क, किसानों और स्कूली बच्चों की बढ़ी परेशानी; शिकायत बंद कराने का आरोप

सीहोर में 6 साल से अधूरी सड़क ने बढ़ाई किसानों व स्कूली बच्चों की परेशानी। दो पंचायतों के बीच अटकी स्वीकृ​त निधि।

कन्हैया नाथ,भैरूंदा (सीहोर)।

सरकारी योजनाओं में सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद भी यदि वर्षों तक काम अधूरा रहे, तो इसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ता है।

सीहोर जिले के भैरूंदा क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोरखपुर से जुड़ा ऐसा ही मामला सामने आया है।

यहां महागांव कदीम में स्वीकृत सड़क का निर्माण अधूरा रहने से किसानों और ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होने की शिकायत की गई है।

इस संबंध में ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), भैरूंदा को लिखित आवेदन देकर सड़क का निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग की है।

आवेदन में सड़क की स्वीकृति वर्ष 2020-21 में होने का उल्लेख किया गया है।

2020-21 में मिली थी सड़क को मंजूरी

आवेदन के मुताबिक, ग्राम पंचायत गोरखपुर के अंतर्गत निमोटा से महागांव कदीम तक

प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क स्वीकृत की गई थी।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का कुछ काम पूरा हुआ, लेकिन शेष हिस्सा अब तक अधूरा पड़ा है।

इससे खेतों तक पहुंचने वाले किसानों को परेशानी हो रही है।

वहीं, ग्रामीणों के अनुसार स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को भी आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

पंचायत सचिव पर 181 की शिकायत बंद कराने का आरोप

 

आवेदन में पंचायत सचिव विष्णु गोरखपुर का उल्लेख करते हुए शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि

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सड़क निर्माण को लेकर उनसे कई बार बात की गई।

सचिव ने पहले मौखिक रूप से बारिश के मौसम से पहले काम पूरा कराने की बात कही थी।

आवेदन के अनुसार, 16 जून 2025 को फोन पर बातचीत के दौरान सचिव ने कथित तौर पर कहा कि अब यह काम नहीं होगा।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि सड़क निर्माण को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर की गई शिकायत भी बंद करवा दी गई।

आवेदन में सचिव के स्थानांतरण का भी उल्लेख किया गया है।

प्रशासन से तत्काल निर्माण कराने की मांग

ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि ग्राम पंचायत से पूरे मामले की जानकारी लेकर अधूरे सड़क निर्माण का काम तत्काल पूरा कराया जाए।

उनका कहना है कि सड़क बनने से किसानों को खेतों तक पहुंचने में आसानी होगी और बच्चों का आवागमन भी सुगम होगा।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों को अधूरी सड़क से कब तक राहत मिलती है।

जमीन नहीं मिलने से पुलिया निर्माण अटका

महागांव कदीम के पंचायत सचिव जितेंद्र विश्वकर्मा के अनुसार, जमीन उपलब्ध नहीं होने के कारण सड़क निर्माण का काम अधूरा है।

प्रस्तावित मार्ग पर दो स्थानों पर पुलिया बनाई जानी है, लेकिन संबंधित भू-स्वामी इसके लिए जमीन देने को तैयार नहीं हैं।

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उन्होंने बताया कि दूसरी समस्या पंचायतों के पृथकीकरण से जुड़ी है।

सड़क की स्वीकृति के समय महागांव कदीम, ग्राम पंचायत गोरखपुर के अंतर्गत आता था।

बाद में इसे अलग पंचायत बना दिया गया।

इसके चलते निर्माण कार्य के लिए स्वीकृत शेष राशि गोरखपुर पंचायत से महागांव कदीम पंचायत को हस्तांतरित की जानी है।

इसकी प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

सचिव का कहना है कि राशि हस्तांतरित होते ही सड़क निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

महत्वपूर्ण सवाल

– वर्ष 2020-21 में स्वीकृत सड़क अब तक अधूरी क्यों है?

– निर्माण कार्य की शेष राशि और वर्तमान स्थिति क्या है?

– सीएम हेल्पलाइन 181 की शिकायत किस आधार पर बंद हुई?

– पंचायत सचिव और संबंधित अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी है?

– बारिश से पहले सड़क निर्माण पूरा हो पाएगा या नहीं?

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