सीहोर:अवली घाट में अवैध रेत भंडारण ,विरोध और दहशत के आरोपों पर जांच की मांग

किसान कांग्रेस ने अवली घाट क्षेत्र में कथित अवैध उत्खनन, रेत परिवहन और ग्रामीणों को धमकाने के आरोपों की जांच की मांग की है। कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

भैरूंदा, सीहोर | संवाददाता कन्हैया नाथ

सीहोर जिले की भैरूंदा तहसील के अवली घाट (गाजित) क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन और भंडारण को लेकर स्थानीय स्तर पर चिंता जताई गई है।

क्षेत्र के ग्रामीणों और किसान कांग्रेस ने प्रशासन से मामले की जांच कर नियमों के उल्लंघन की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि मानसून अवधि के दौरान भी नर्मदा तटीय क्षेत्र और आसपास के इलाकों में रेत के कथित अवैध खनन, परिवहन और भंडारण की गतिविधियां जारी हैं।

वहीं, इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक पुष्टि होना बाकी है।

सरकारी भूमि और खेतों में भंडारण का आरोप

शिकायत में आरोप लगाया गया है कि अवली घाट क्षेत्र में रेत निकालने के साथ ही उसका भंडारण शासकीय भूमि और कुछ स्थानों पर कृषि भूमि के आसपास किया जा रहा है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार, इस काम में पोकलेन, जेसीबी और अन्य भारी मशीनों के उपयोग की बात भी सामने आई है।

किसान कांग्रेस का कहना है कि यदि बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत खनन और भंडारण हो रहा है,

तो इससे शासन को राजस्व हानि के साथ पर्यावरण और स्थानीय कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है।

विरोध करने पर मारपीट के आरोप

मामले को लेकर ग्रामीणों की ओर से विरोध करने वालों को धमकाने और मारपीट किए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं।

शिकायत में राजस्थान से आए कुछ लोगों के साथ मारपीट और वाहनों में तोड़फोड़ की घटना का उल्लेख किया गया है।

एक व्यक्ति को कथित रूप से अर्धनग्न कर गांव में घुमाने का आरोप भी शिकायत में शामिल है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन घटनाओं के कारण क्षेत्र के कुछ लोगों में भय का माहौल है।

हालांकि, इन घटनाओं और आरोपों के संबंध में संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब सामने नहीं आया है।

इनकी वास्तविक स्थिति पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मानसून में खनन और परिवहन पर उठे सवाल

शिकायतकर्ताओं ने सवाल उठाया है कि वर्षाकाल के दौरान कथित रूप से रेत खनन और परिवहन कैसे जारी है।

उनका दावा है कि रात के समय भी क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, रेत से भरे डंपरों की लगातार आवाजाही से सड़क सुरक्षा, ध्वनि प्रदूषण और सड़कों की स्थिति को लेकर भी चिंता बढ़ रही है।

अवली घाट और सलकनपुर क्षेत्र धार्मिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, जहां श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।

किसान कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन

मध्य प्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनिरुद्ध दुबे ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अवली घाट क्षेत्र की जांच कराने की मांग की है।

ज्ञापन में खनन गतिविधियों, रेत के भंडारण और परिवहन की जांच करने की बात कही गई है।

उन्होंने प्रशासन से यह भी मांग की है कि खनन की अनुमति, रॉयल्टी और रेत परिवहन से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाए।

बिना रॉयल्टी परिवहन का भी आरोप

ज्ञापन में कथित रूप से बिना रॉयल्टी रेत परिवहन किए जाने का आरोप लगाया गया है।

किसान कांग्रेस का कहना है कि यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित मशीनों और वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

संगठन ने मांग की है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करे और शिकायत में लगाए गए आरोपों का तथ्यात्मक परीक्षण कराए।

पर्यावरण और स्थानीय जीवन पर असर की आशंका

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नर्मदा तटीय क्षेत्र में अनियंत्रित या अवैध खनन की स्थिति होने पर जलीय पर्यावरण और आसपास की भूमि प्रभावित हो सकती है।

साथ ही, भारी मशीनों और डंपरों की आवाजाही से स्थानीय लोगों को परेशानी होने का भी दावा किया गया है।

प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि क्षेत्र में खनन और परिवहन निर्धारित नियमों के अनुरूप हो रहा है या नहीं।

फोटो-वीडियो साक्ष्य देने का दावा

अनिरुद्ध दुबे के अनुसार, शिकायत के समर्थन में प्रशासन को समाचार पत्रों की प्रतियां, फोटो और वीडियो साक्ष्य भी उपलब्ध कराए गए हैं।

किसान कांग्रेस ने मांग की है कि जांच दल मौके पर पहुंचकर इन साक्ष्यों का सत्यापन करे।

संगठन का कहना है कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी

किसान कांग्रेस ने कहा है कि शिकायत की जांच कर प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन ग्रामीणों के साथ मिलकर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन कर सकता है।

फिलहाल मामला शिकायत और जांच की मांग के स्तर पर है।

प्रशासन की जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही अवली घाट क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन, भंडारण और परिवहन से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

किसान कांग्रेस की प्रमुख मांगें

अवली घाट क्षेत्र में जांच दल भेजकर मौके का निरीक्षण कराया जाए।

शासकीय भूमि और आसपास की खनन गतिविधियों की जांच की जाए।

खनन अनुमति, रॉयल्टी और परिवहन दस्तावेजों का सत्यापन हो।

नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर खनन और भंडारण तत्काल रोका जाए।

संबंधित मशीनों और वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

शिकायत में लगाए गए मारपीट और धमकी के आरोपों की भी जांच हो।

जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी

अवली घाट क्षेत्र में कथित अवैध रेत खनन, भंडारण और बिना रॉयल्टी परिवहन के आरोपों को लेकर किसान कांग्रेस ने प्रशासन से जांच की मांग की है। ग्रामीणों को धमकाने और मारपीट के आरोप भी शिकायत में शामिल हैं, जिनकी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।