MP में बारिश का रेड ज़ोन: 4 दिन तक झमाझम की चेतावनी, बैतूल हादसे में मजदूर की मौत

मध्यप्रदेश में तीन मजबूत मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से अगले चार दिन भारी बारिश का दौर रहेगा। 17 जिलों में अलर्ट जारी है। बैतूल में रेलवे की दीवार झोपड़ी पर गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई।

मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन एक साथ सक्रिय; 17 जिलों में अलर्ट, कई क्षेत्रों में चार इंच से अधिक बारिश के आसार

भोपाल।(9826019364)

मध्यप्रदेश में मानसून ने फिर रफ्तार पकड़ ली है।

एक साथ तीन मजबूत मौसम प्रणालियां सक्रिय होने से अगले चार दिन भारी बारिश की संभावना है।

इसी बीच बैतूल में बारिश के दौरान बड़ा हादसा हुआ।

रेलवे की दीवार झोपड़ी पर गिरने से एक मजदूर की मौत हो गई।

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तीन सिस्टम ने बढ़ाई बारिश की ताकत

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन एक साथ सक्रिय हैं।

इसी कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार तेज बारिश का दौर बने रहने की संभावना है।

भोपाल समेत कई शहरों में बारिश

राजधानी भोपाल में सुबह से रुक-रुककर बारिश होती रही। कई स्थानों पर तेज बौछारें भी दर्ज की गईं।

इसके अलावा इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सतना में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार हैं।

                                   (बालाघाट जिले में बैहर-परसवाड़ा मार्ग पर तेज हवा से धराशायी हुआ पेड़.)

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17 जिलों में अलर्ट जारी

मौसम केंद्र भोपाल ने गुरुवार को 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है।

अगले 24 घंटों में कुछ इलाकों में चार इंच से अधिक बारिश हो सकती है।

मालवा-निमाड़ क्षेत्र में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

बैतूल में बारिश बनी जानलेवा

बैतूल जिले में मूसलधार बारिश के दौरान रेलवे की बाउंड्री वॉल झोपड़ी पर गिर गई।

मलबे में दबने से 27 वर्षीय मजदूर राहुल उइके की मौके पर ही मौत हो गई।

वहीं, उनके साथी शनि सिंह को मामूली चोटें आई हैं।

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इन जिलों में ज्यादा खतरा

अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट धार, देवास, बुरहानपुर, हरदा और नर्मदापुरम में जारी किया गया है।

भारी बारिश की चेतावनी उज्जैन, सीहोर, रायसेन, सागर, बैतूल और सात अन्य जिलों के लिए जारी है।

96 घंटे तक सतर्क रहने की सलाह

मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 96 घंटे बारिश का असर बना रहेगा।

प्रशासन ने निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

नदी-नालों के उफान पर आने की भी आशंका जताई गई है।

47 जिले अब भी औसत से पीछे

प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बावजूद अधिकांश जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 47 जिलों में वर्षा का आंकड़ा औसत से नीचे बना हुआ है।

इन जिलों में अनूपपुर, बालाघाट, जबलपुर, सागर, सतना, रीवा, छिंदवाड़ा, धार, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, उज्जैन, रायसेन, विदिशा और ग्वालियर समेत अन्य जिले शामिल हैं।

वहीं, भोपाल, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, मंदसौर, राजगढ़ और सीहोर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। इनमें देवास में सबसे अधिक 29 प्रतिशत अतिरिक्त वर्षा रिकॉर्ड की गई।

जुलाई में भी सामान्य आंकड़े से पीछे प्रदेश

मौसम विभाग के अनुसार, जून में बारिश कमजोर रही थी। जुलाई की शुरुआत में तेज बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन पिछले नौ दिनों की कमी ने फिर औसत घटा दिया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, पूरे मानसून की लगभग एक-तिहाई बारिश जुलाई में होती है। इसी कारण इस महीने की कमी का असर पूरे सीजन के आंकड़ों पर दिखाई देता है।

प्रदेश की सामान्य मानसूनी बारिश 37.3 इंच

मध्यप्रदेश में सामान्य मानसूनी वर्षा 37.3 इंच मानी जाती है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश 38 से 39 इंच के बीच रहती है।