इंदौर।
इंदौर में शनिवार को कांग्रेस ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया।
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे संबोधित किया।
उन्होंने शिक्षा, रोजगार और भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
कार्यक्रम में छात्रों की समस्याएं चर्चा के केंद्र में रहीं।
राहुल ने कहा कि व्यवस्था छात्रों के सवालों से डरती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सिस्टम जागरूक छात्रों के बजाय चुप रहने वाले समर्थक (अंधभक्त) तैयार करना चाहता है।
कार्यक्रम में छात्रों ने भी अपनी परेशानियां साझा कीं।
किसी ने भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाए तो किसी ने परीक्षा और डिग्री में देरी का मुद्दा उठाया।
छात्रों की समस्याओं से तय हुआ राहुल के भाषण का मुद्दा
राहुल गांधी शनिवार को इंदौर के आईडीए मैदान में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे।
यहां बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।आयोजकों के अनुसार,कार्यक्रम में हजारों युवाओं ने हिस्सा लिया।
राहुल ने मंच पर छात्रों से बातचीत की। उनकी समस्याएं सुनीं।
इसके बाद उन्होंने अपने भाषण का मुख्य विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ रखा।
उन्होंने कहा कि छात्र सवाल पूछता है।
वह अपने भविष्य को लेकर चिंतित रहता है। इसलिए व्यवस्था को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए।
राहुल बोले- सवाल पूछने वाले छात्र सिस्टम को पसंद नहीं
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों और तथाकथित ‘अंधभक्तों’ में अंतर है। उनके अनुसार, छात्र सवाल पूछता है। वह निडर होकर अपनी बात रखता है।
उन्होंने चार बिंदुओं के जरिए अपनी बात समझाई।
1.छात्र सवाल पूछता है, जबकि अंधभक्त सवालों से बचता है।
2.छात्र प्रेम और सद्भाव की बात करता है, जबकि अंधभक्ति की राजनीति में नफरत हावी हो सकती है।
3.छात्र निडर होकर अपनी बात रखता है। अंधभक्त डरपोक होता है।
4.छात्र महिलाओं के सम्मान की बात करता है। अंधभक्त महिला का अपमान करता है।
‘सिस्टम को छात्र से खतरा है’
राहुल ने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था छात्रों के सवालों को दबाना चाहती है।
‘सिस्टम को छात्र से खतरा है, क्योंकि वह सवाल पूछता है’
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों को यह सवाल पूछना चाहिए कि देश के कारोबार और संस्थानों पर किसका प्रभाव है।
उन्होंने भर्ती प्रक्रिया, न्यायपालिका और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर भी सवाल उठाए।
राहुल ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजीत डोभाल, मोहन भागवत तथा उद्योगपतियों गौतम अदाणी और मुकेश अंबानी का उल्लेख किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश की व्यवस्था पर कुछ लोगों का प्रभाव बढ़ गया है।
छात्रों ने मंच से बताई अपनी पीड़ा,उठाए ये मुद्दे
राहुल ने प्रोग्राम में मौजूद कुछ स्टूडेंट्स को भी अपने विचार रखने मंच पर बुलाया।
1.राजगढ़ की सपना गुर्जर ने आरक्षण व नियुक्ति का मुद्दा उठाया।
सपना ने कहा-हजारों अभ्यर्थी लंबे समय से नियुक्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
परीक्षाएं होती हैं,लेकिन नतीजे होल्ड कर दिए जाते हैं।
“होल्ड के कारण हमारा भविष्य अटक गया है।”
2.सतना के अखिल ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद भी कई पदों पर नियुक्तियां लंबित हैं।
उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों की उम्र निकल रही है।
“परीक्षा और इंटरव्यू के बाद भी नियुक्ति नहीं मिलती।”
3.एक नर्सिंग छात्रा याशिका दानी ने बताया कि उसने 2020 में नर्सिंग में दाखिला लिया था,
लेकिन अब तक भी कोर्स पूरा नहीं हुआ।
“डिग्री पूरी नहीं हो रही। नौकरी का सपना भी अधूरा है।”
राहुल बोले- शिक्षा हर छात्र का अधिकार
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा कोई लग्जरी नहीं है। यह हर छात्र का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि स्कूल से लेकर कॉलेज और रोजगार तक पहुंच बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है।
राहुल ने पेपर लीक और भर्ती में गड़बड़ियों को लेकर भी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है।
उन्होंने दावा किया कि कई छात्र परीक्षा प्रणाली पर भरोसा खो रहे हैं।
इसी दौरान छात्रों की ओर से आवाज आई— “सर, हम सिस्टम से हार गए।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र
कार्यक्रम में छात्रों की मौजूदगी चर्चा में रही।
कांग्रेस ने कार्यक्रम में करीब दो लाख रजिस्ट्रेशन होने का दावा किया था।
आयोजन को लेकर प्रशासन ने सुरक्षा सहित 31 शर्तें रखी थीं।
कांग्रेस ने इन शर्तों और कार्यक्रम से पहले लगाए गए कुछ होर्डिंग्स को लेकर आपत्ति जताई थी।
कार्यक्रम के दौरान स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री भी की।
इसके अलावा राहुल गांधी ने छात्रों के साथ सेल्फी ली और उनका आभार जताया।
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