एमपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 26 IAS अधिकारियों के तबादले, प्रियंक बने भोपाल कलेक्टर

भोपाल।

मध्यप्रदेश सरकार ने गुरुवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए।

इस सूची में कई जिलों के कलेक्टर बदले गए हैं, वहीं मंत्रालय स्तर पर भी अहम जिम्मेदारियां बदली गई हैं। धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल का कलेक्टर बनाया गया है।

इन जिलों के कलेक्टर बदले

1– धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर बनाया गया।
2 – नरेंद्र सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर की जिम्मेदारी।
3- प्रतिभा पाल कलेक्टर रीवा से कलेक्टर सागर।
4- राजीव रंजन मीना, आयुक्त वित्त से कलेक्टर धार।
5-रवींद्र चौधरी कलेक्टर शिवपुरी से अपर सचिव एनव्हीडीए।
6-धरणेंद्र जैन कलेक्टर उमरिया से अपर सचिव विमानन।
7-नरेंद्र सूर्यवंशी कलेक्टर बैतूल से कलेक्टर रीवा।
8-सोनिया मीना कलेक्टर होशंगाबाद से अपर सचिव वित्त।
9-सोमेश मिश्रा कलेक्टर मंडला से कलेक्टर नर्मदापुरम।

10-संदीप जी आर कलेक्टर सागर से श्रम आयुक्त इंदौर।
11-शीतला पटले कलेक्टर सिवनी से सचिव लोक सेवा आयोग इंदौर।
12-नेहा मीना कलेक्टर झाबुआ से कलेक्टर सिवनी।
13-रानी बाटव कलेक्टर मैहर से उपसचिव सहकारिता।

14-अर्पित वर्मा कलेक्टर श्योपुर से कलेक्टर शिवपुरी ।
15-राखी सहाय सचिव एमपी पीएससी से कलेक्टर उमरिया ।
16-शीला दाहिमा उपसचिव सहाकारिता से कलेक्टर श्योपुर।
17-विदिशा मुखर्जी उप सचिव पीएचई से कलेक्टर मैहर।

18-प्रताप नारायण यादव उपसचिव मछुआ कल्याण से कलेक्टर दमोह।
19-राहुल नामदेव घोटे उपसचिव एनव्हीडीए से कलेक्टर मंडला।
20-डॉ योगेश तुकाराम भरसट सीईओ आयुष्मान से कलेक्टर झाबुआ।
21-डॉ सौरभ संजय सोनवणे आयुक्त ननि रीवा से कलेक्टर बैतूल।

मंत्रालय में भी बड़ा उलटफेर
22-अभिषेक सिंह सचिव गृह से  आयुक्त लोक शिक्षण।
23-शिल्पा गुप्ता आयुक्त लोक शिक्षण से सचिव गृह ।
24-कौशलेंद्र विक्रम सिंह कलेक्टर भोपाल से टीएंडसीपी व मुख्यमंत्री सचिवालय में विशेष जिम्मेदारी।
इसके अलावा कई अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं।

नर्मदापुरम कमिश्नर बदले
25-आज जारी आदेश के तहत नर्मदापुरम के संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी को आयुक्त सामाजिक न्याय पदस्थ किया गया है।

26-वहीं टी एंड सीपी में पदस्थ श्रीकांत बनोठ को तिवारी की जगह नर्मदापुरम का नया संभागायुक्त बनाया गया है।

ग्राउंड एडमिनिस्ट्रेशन पर सीधा असर

इस फेरबदल से जिलों के प्रशासनिक कामकाज, कानून-व्यवस्था और विकास योजनाओं की गति पर सीधा असर पड़ेगा। नए कलेक्टरों के साथ स्थानीय स्तर पर रणनीति और प्राथमिकताएं भी बदल सकती हैं।

चुनावी और प्रशासनिक कसावट का संकेत

इसे सरकार की प्रशासनिक कसावट और आने वाले समय की तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है। अहम जिलों में नए चेहरों की तैनाती से स्पष्ट है कि सरकार ग्राउंड लेवल पर पकड़ मजबूत करना चाहती है।

इतने बड़े स्तर पर हुए तबादले यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार अब प्रदर्शन आधारित प्रशासन पर जोर दे रही है और कमजोर परफॉर्मेंस वाले अधिकारियों को बदला जा रहा है।

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