मध्यप्रदेश में 10 साल बाद प्रमोशन का नया गणित तैयार किया जा रहा है। इसमें आरक्षित वर्ग के अफसरों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है। क्लास-1 अफसरों के प्रमोशन का पूरा समीकरण बदल गया है। डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति एक-दो दिन में हो सकती है। इस बैठक के नतीजे कई अफसरों का भविष्य तय करेंगे। मंत्रालय में तीन बड़े पदों पर डीपीसी होनी है। यह डीपीसी अपर सचिव, उप सचिव और अवर सचिव के पदों के लिए है। इन तीनों पदों पर कुल पदोन्नति में से 85% पद आरक्षित वर्ग को मिलेंगे।
प्रमोशन पॉलिसी में बदलाव
मध्यप्रदेश में 10 साल बाद प्रमोशन का नया गणित तैयार किया जा रहा है। इसमें आरक्षित वर्ग के अफसरों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने वाला है।
क्लास-1 अफसरों के प्रमोशन का पूरा समीकरण बदल गया है। डीपीसी यानी विभागीय पदोन्नति समिति एक-दो दिन में हो सकती है।
आरक्षित वर्ग को फायदा
इस बैठक के नतीजे कई अफसरों का भविष्य तय करेंगे। मंत्रालय में तीन बड़े पदों पर डीपीसी होनी है।
यह डीपीसी अपर सचिव, उप सचिव और अवर सचिव के पदों के लिए है। इन तीनों पदों पर कुल पदोन्नति में से 85% पद आरक्षित वर्ग को मिलेंगे।
प्रमोशन पॉलिसी के मुख्य बिंदु
मंत्रालय में अभी अंडर सेक्रेटरी यानी अवर सचिव के 15 पद भरे हुए हैं। इनमें से 14 अफसर एससी-एसटी वर्ग से हैं।
सिर्फ एक अफसर सामान्य वर्ग से है। इस पद पर आरक्षित वर्ग साफ तौर पर हावी हो गया है।
- कुल पदोन्नति में से 85% पद आरक्षित वर्ग को मिलेंगे।
- मंत्रालय में तीन बड़े पदों पर डीपीसी होनी है।
- यह डीपीसी अपर सचिव, उप सचिव और अवर सचिव के पदों के लिए है।
प्रमोशन पॉलिसी का भविष्य
पिछले कुछ सालों में यह संतुलन धीरे-धीरे बदला है। उप सचिव के 13 पद फिलहाल पूरी तरह खाली पड़े हैं।
इन पदों पर अभी तक एक भी अफसर तैनात नहीं है। आने वाली डीपीसी में इन खाली पदों को भरने की तैयारी है। मध्य प्रदेश सरकार की इस पहल का कई अफसरों को फायदा होगा। आप प्रमोशन पॉलिसी के बारे में और जानने के लिए हमारी वेबसाइट पर जा सकते हैं। मध्य प्रदेश की खबरें के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।