जनप्रचार की खबर का असर: छात्रवृत्ति मामले में मचा हड़कंप,नई जांच समिति गठित

"जनप्रचार डॉट कॉम में छात्रवृत्ति राशि वसूली के आरोपों संबंधी खबर प्रकाशित होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। कलेक्टर राखी सहाय ने रविवार को अधिकारियों की बैठक बुलाकर पूरे प्रकरण की समीक्षा की। वहीं जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जे.पी. यादव ने पहले गठित जांच दल में संशोधन करते हुए नई जांच समिति का गठन कर दिया है।"

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दीपक विश्वकर्मा,उमरिया/रवि अवस्थी,भोपाल।

जनप्रचार डॉट कॉम में शनिवार को प्रकाशित छात्रवृत्ति राशि वसूली संबंधी खबर का बड़ा असर सामने आया है। खबर के प्रकाशन के बाद उमरिया जिला प्रशासन और जनजातीय कार्य विभाग में हलचल तेज हो गई है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने रविवार को उच्च स्तरीय बैठक बुलाकर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की।

बैठक में पाली स्थित राजकीय कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं से छात्रवृत्ति और अन्य शैक्षणिक मदों की राशि लिए जाने के आरोपों पर विस्तार से चर्चा हुई।

सूत्रों के अनुसार कलेक्टर ने मामले को बेहद गंभीर माना है और संबंधित अधिकारियों से तथ्यात्मक जानकारी तलब की है।

संभागीय उपायुक्त ने गठित की नई जांच समिति

इधर, जनजातीय कार्य विभाग के संभागीय उपायुक्त जेपी यादव ने भी मामले में नया संशोधित आदेश जारी करते हुए जांच समिति का पुनर्गठन कर दिया है।

जारी आदेश के अनुसार पूर्व सदस्य राजेंद्र कुमार तिवारी को जांच दल से हटाकर उनकी जगह अनुराग श्रीवास्तव को शामिल किया गया है।

समिति को 10 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

खबर के बाद बढ़ा दबाव

दरअसल, जनप्रचार डॉट कॉम ने शनिवार को पाली के राजकीय कन्या शिक्षा परिसर में छात्राओं और उनके अभिभावकों के आरोपों को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

शिकायतों में कहा गया था कि छात्रवृत्ति की राशि बैंक खातों से निकलवाकर स्कूल प्रबंधन द्वारा अपने पास रखी जाती थी। कई छात्राओं ने दबाव और धमकी तक दिए जाने के आरोप लगाए थे।

कलेक्टर की छवि पर भी सवाल

मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। कलेक्टर राखी सहाय की छवि सख्त और ईमानदार अधिकारी की मानी जाती है।

उनके कार्यकाल में इस तरह के आरोप सामने आने से प्रशासन असहज नजर आ रहा है।

यही वजह है कि पूरे मामले की गंभीरता से निगरानी की जा रही है।

जांच में खुल सकते हैं और राज

फिलहाल जांच का केंद्र पाली का कन्या शिक्षा परिसर है, लेकिन यदि समिति ने छात्रवृत्ति, यूनिफॉर्म खरीदी, पुस्तक सामग्री और सीएसआर फंड से जुड़े मामलों की गहराई से पड़ताल की तो अन्य वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे से भी इनकार नहीं किया जा सकता।