धार।
मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई में धार जिले से चौंकाने वाला मामला सामने आया है।
आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के तीन ठिकानों पर लोकायुक्त की टीम ने एक साथ छापेमारी की।
शुरुआती जांच में उनकी संपत्ति और वैध आय के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।
लोकायुक्त के अनुसार, करीब 20 साल की नौकरी में ठाकुर को लगभग 65 लाख रुपए वेतन मिला।
इस अवधि में उन्होंने 2 करोड़ 41 लाख 45 हजार रुपए की संपत्ति अर्जित की और खर्च किए।
शुरुआती आकलन के मुताबिक यह उनकी वैध आय से 271.46 प्रतिशत अधिक है।
इस खुलासे के बाद लोकायुक्त ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
फिलहाल तीन टीमें उनके मकान, जमीन और अन्य संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज खंगाल रही हैं।
सोडपुर से मांडव तक तीन ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई

इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।
कार्रवाई के दौरान मकान, कृषि भूमि, व्यावसायिक भवन और वाहनों से संबंधित जानकारी जुटाई गई।
लोकायुक्त की टीमें संपत्तियों के दस्तावेजों का मिलान कर रही हैं।
उनकी वास्तविक कीमत का भी आकलन किया जा रहा है।
97 लाख का दो मंजिला मकान, 20 लाख का व्यावसायिक भवन

जांच में शेरसिंह ठाकुर के नाम पर सोडपुर गांव में 0.1520 हेक्टेयर का भूखंड सामने आया है।
इस जमीन पर करीब 2400 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बनाया गया है।
भूखंड की खरीद और मकान निर्माण पर करीब 97 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा नालछा में मांडव रोड स्थित सोडपुर तिराहे पर 1350 वर्गफीट का एक व्यावसायिक भवन भी मिला है।
इसकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है।
पत्नी के नाम पर भी लाखों की कृषि भूमि

लोकायुक्त की जांच में पत्नी कविता के नाम पर खरीदी गई कृषि भूमि का भी पता चला है।
ग्राम सोडपुर में 0.645 हेक्टेयर जमीन 8 लाख रुपए में खरीदी गई।
ग्राम मांडव में 2.526 हेक्टेयर जमीन की खरीद पर 42 लाख रुपए खर्च किए गए।
अब जांच एजेंसी इन जमीनों के दस्तावेजों और खरीद के स्रोत की पड़ताल कर रही है।
JCB से बुलेट तक, 53 लाख के वाहन और कृषि उपकरण

तलाशी के दौरान ठाकुर के पास कई वाहन और कृषि उपकरण भी मिले हैं।
इनमें JCB, महिंद्रा ट्रैक्टर, महिंद्रा TUV, ऑल्टो कार और बुलेट शामिल हैं।
इसके अलावा कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और मशीनें भी मिली हैं।
इन सभी की अनुमानित कीमत करीब 53 लाख रुपए बताई गई है।
लोकायुक्त को ठाकुर से जुड़े एक अन्य कथित बेनामी भवन की जानकारी भी मिली है।
इसकी पुष्टि के लिए दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
आय से 271.46 प्रतिशत अधिक संपत्ति का आरोप
लोकायुक्त के शुरुआती आकलन में संपत्ति और खर्च का आंकड़ा वैध आय से 271.46 प्रतिशत अधिक पाया गया है।
इसी आधार पर शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की
धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
हालांकि, यह शुरुआती जांच का आंकड़ा है।
अंतिम अनुपातहीन संपत्ति का निर्धारण दस्तावेजों, संपत्तियों के मूल्यांकन और आय के सभी स्रोतों की जांच के बाद होगा।
दस्तावेजों की जांच जारी
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. राजेश सहाय के नेतृत्व में यह कार्रवाई की जा रही है।
अभियान में डीएसपी आनंद चौहान, निरीक्षक आशुतोष मिठास, प्रतिभा तोमर और सचिन पटेरिया सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।
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