कन्हैया नाथ,बुधनी।
सीहोर जिले के बुधनी और आसपास के क्षेत्रों में नर्मदा नदी के संरक्षण और धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
बड़ी छिपानेर में नर्मदा से रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन के खिलाफ अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी दी गई है।
वहीं, प्रसिद्ध मां बिजासन धाम सलकनपुर के महाकुंड में गंदगी और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर श्रद्धालुओं ने नाराजगी जताई है।
एक ओर नर्मदा नदी से रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत प्रशासन तक पहुंची है।
दूसरी ओर, करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किए गए सलकनपुर के कुंड की मौजूदा स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।
दोनों मामलों में अब प्रशासन और संबंधित प्रबंधन की कार्रवाई पर नजर है।
बड़ी छिपानेर: रेत के अवैध उत्खनन पर कार्रवाई की मांग

बड़ी छिपानेर क्षेत्र में नर्मदा नदी से रेत के कथित अवैध उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है।
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति जनजाति युवा संघ मध्यप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राहुल पवार ने इस संबंध में SDO, भेरूंदा को ज्ञापन सौंपा है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में रेत खदानों की नीलामी नहीं होने के बावजूद
अन्य गांवों की रॉयल्टी के आधार पर रेत का परिवहन किया जा रहा है।
इससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई गई है।
शिकायत के मुताबिक, नर्मदा नदी में पनडुब्बियों और जेसीबी मशीनों के जरिए बड़े पैमाने पर रेत
निकालने का काम किया जा रहा है।
संगठन ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने और अवैध गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन धरना
राहुल पवार ने चेतावनी दी है कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में बड़ी छिपानेर में
नर्मदा तट के पास शांतिपूर्ण अनिश्चितकालीन धरना दिया जाएगा।
ज्ञापन में कथित अवैध उत्खनन और परिवहन में शामिल ठेकेदारों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि जिला खनिज अधिकारी, सीहोर और भेरूंदा थाना प्रभारी को भी भेजी गई है।
कर्मचारी पर चढ़ाया ट्रैक्टर, 6 पर केस दर्ज

(संयुक्त टीम ने कार्रवाई कर जब्त की दो ट्रेक्टर-ट्राली।)
इधर, शुक्रवार-शनिवार की रात रेत खनन ठेका कंपनी के कर्मचारियों और रेत की अवैध खोदाई करने वालों के बीच विवाद हुआ।
यह विवाद इतना बढ़ा कि अवैध खनन वालों ने रेत का ठेका लेने वाली कंपनी के कर्मचारी पर ट्रैक्टर चढ़ा दिया।
पुलिस ने छह लोगों के विरुद्ध हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
थाने के सामने चढ़ाया ट्रेक्टर
बताया गया कि सिल्वर मिस्ट कंपनी को रेत खनन का ठेका मिला है।
शुक्रवार-शनिवार की रात उसके कर्मचारियों ने अवैध ढुलाई कर रही ट्रॉलियों को डिवाइन सिटी के पास पकड़ा तो
रेत की रायल्टी को लेकर विवाद हो गया। वहां से निकलकर ठेका कर्मचारी लौटने लगे
तो अवैध खनन वालों ने उनका पीछा कर देहात थाने के सामने पकड़ लिया।
सलकनपुर: गंदगी से बेहाल महाकुंड, श्रद्धालुओं ने उठाए सवाल
दूसरी ओर, प्रसिद्ध मां बिजासन धाम सलकनपुर के महाकुंड तालाब की स्थिति को लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी है।
श्रद्धालुओं के मुताबिक, वर्ष 2022-23 में करोड़ों रुपये की लागत से कुंड का सौंदर्यीकरण कराया गया था।
इसके बावजूद अब यहां साफ-सफाई और सुविधाओं की कमी दिखाई दे रही है।
श्रद्धालुओं का आरोप है कि कुंड के पानी में गंदगी, कीड़े और मृत जीव दिखाई देते हैं।
पानी में शराब की बोतलें तैरने की शिकायत भी सामने आई है।
उनका कहना है कि पवित्र स्नान स्थल की ऐसी स्थिति से धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं।
कुछ श्रद्धालुओं ने सफाई के दौरान निकलने वाले कचरे को भी तालाब में फेंके जाने का आरोप लगाया है।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महिलाओं के स्नान और पेयजल की व्यवस्था पर सवाल
श्रद्धालुओं ने महाकुंड में महिलाओं के लिए अलग स्नान व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है।
उनका कहना है कि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शनार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं।
आरोपों के मुताबिक, पीने के स्वच्छ पानी के इंतजाम और श्रद्धालुओं के ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं की भी कमी है।
भोपाल, इंदौर और विदिशा सहित दूसरे शहरों से आने वाले श्रद्धालुओं ने भी व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे हर साल मां बिजासन के दर्शन के लिए आते हैं,
लेकिन कुंड की मौजूदा हालत देखकर निराशा होती है। कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि
पहले कुंड में स्नान करने से उन्हें राहत मिलती थी,
जबकि अब गंदे पानी के कारण बीमारी का डर बना रहता है।
इन स्वास्थ्य संबंधी आशंकाओं की चिकित्सकीय पुष्टि नहीं हुई है।
करोड़ों के खर्च के बाद भी व्यवस्था पर सवाल
सलकनपुर महाकुंड के सौंदर्यीकरण पर खर्च की गई राशि और वर्तमान स्थिति को लेकर श्रद्धालु संबंधित प्रबंधन से जवाब मांग रहे हैं।
उनका सवाल है कि जब कुंड के विकास पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए,
तो नियमित सफाई, स्वच्छ पानी और स्नान की बेहतर व्यवस्था क्यों नहीं सुनिश्चित हो पा रही है।
श्रद्धालुओं ने मंदिर ट्रस्ट और प्रशासन से कुंड की सफाई कराने, पानी की गुणवत्ता की जांच करने तथा महिलाओं और
अन्य दर्शनार्थियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
दोनों मामलों में प्रशासन की भूमिका अहम
बड़ी छिपानेर में नर्मदा नदी से रेत के कथित अवैध उत्खनन का मामला प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और सरकारी राजस्व से जुड़ा है।
वहीं, सलकनपुर महाकुंड की स्थिति श्रद्धालुओं की आस्था, स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधाओं से संबंधित है।
दोनों मामलों में शिकायतें और आरोप सामने आए हैं। अब संबंधित विभागों की जांच और कार्रवाई से ही स्थिति स्पष्ट होगी।
क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं को उम्मीद है कि प्रशासन इन शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देगा और जरूरी कदम उठाएगा।
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