BRICS सम्मेलन: भोपाल में जुटेंगे 100 विदेशी मेहमान, AI कॉपीराइट और सांस्कृतिक विरासत पर होगी वैश्विक चर्चा

भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक BRICS Culture Working Group और संस्कृति मंत्रियों की बैठक होगी। AI कॉपीराइट, सांस्कृतिक विरासत, जलवायु परिवर्तन और पर्यटन जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल 5 से 8 अगस्त तक BRICS Culture Working Group और BRICS संस्कृति मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में ब्रिक्स देशों के करीब 100 विदेशी प्रतिनिधि शामिल होंगे। सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सांस्कृतिक विरासत संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और पारंपरिक ज्ञान जैसे महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

यह आयोजन भारत और मध्य प्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्रशासनिक क्षमता प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

AI कॉपीराइट और सांस्कृतिक विरासत पर रहेगा फोकस

सम्मेलन का प्रमुख एजेंडा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में रचनाकारों के कॉपीराइट की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही विदेशी संग्रहालयों में मौजूद ऐतिहासिक भारतीय मूर्तियों और सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी, डिजिटल सांस्कृतिक संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पारंपरिक ज्ञान के उपयोग पर भी चर्चा होगी।

ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधि इन विषयों पर साझा रणनीति और सहयोग के नए मॉडल तैयार करने पर विचार करेंगे।

भोपाल में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की विशेष तैयारी

विदेशी प्रतिनिधियों के स्वागत को लेकर भोपाल प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने सुरक्षा, यातायात, आवास, प्रोटोकॉल और आतिथ्य व्यवस्था की समीक्षा कर सभी विभागों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।

प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी विदेशी मेहमानों को सुरक्षित और सुगम अनुभव उपलब्ध कराया जाए।

सांची और भीमबेटका का करेंगे भ्रमण

सम्मेलन के बाद विदेशी प्रतिनिधिमंडल मध्य प्रदेश की विश्वप्रसिद्ध सांस्कृतिक धरोहरों का भी भ्रमण करेगा।

  • 8 अगस्त को प्रतिनिधि सांची स्तूप का दौरा करेंगे, जो सम्राट अशोक के काल का ऐतिहासिक बौद्ध स्मारक और यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है।
  • 9 अगस्त को प्रतिनिधिमंडल भीमबेटका शैलाश्रयों का भ्रमण करेगा, जहां प्रागैतिहासिक शैलचित्र मानव सभ्यता के प्रारंभिक इतिहास की महत्वपूर्ण झलक प्रस्तुत करते हैं।

इन स्थलों के भ्रमण से विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को निकट से जानने का अवसर मिलेगा।

पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से मध्य प्रदेश की वैश्विक पहचान मजबूत होगी। साथ ही पर्यटन, होटल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिलने की संभावना है। राज्य सरकार इसे सांस्कृतिक कूटनीति और पर्यटन संवर्धन के महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है।

मुख्य बातें

  • भोपाल में 5 से 8 अगस्त तक BRICS Culture Working Group की बैठक होगी।
  • करीब 100 विदेशी प्रतिनिधि सम्मेलन में भाग लेंगे।
  • AI कॉपीराइट, सांस्कृतिक विरासत और जलवायु परिवर्तन प्रमुख एजेंडा होंगे।
  • विदेशी संग्रहालयों से सांस्कृतिक धरोहरों की वापसी पर भी चर्चा होगी।
  • प्रतिनिधिमंडल सांची स्तूप और भीमबेटका का भ्रमण करेगा।
  • आयोजन से मध्य प्रदेश के पर्यटन और वैश्विक पहचान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।