नगरीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधि 19 दिसम्बर को भोपाल आमंत्रित : मंत्री भूपेन्द्र सिंह

भोपाल में सोमवार को प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम

भोपाल

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेन्द्र सिंह ने कहा है कि 19 दिसंबर को बहुप्रतीक्षित प्रशिक्षण और संवाद का कार्यक्रम होने जा रहा है। दो चरणों में हुए चुनाव में कुल 394 नगरीय निकायों में आप सभी जन-प्रतिनिधि निर्वाचित हुए हैं। निर्वाचन में अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को भी सुनिश्चित किया गया है। आप सभी निर्वाचित जन-प्रतिनिधि 19 दिसंबर को भोपाल में प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम में आमंत्रित हैं। यह एक संगम होगा, जिसमें नगरीय विकास की रूपरेखा, उसकी प्राथमिकताएँ और आपके लक्ष्यों पर चर्चा होगी। इसमें विकास के नए सोपान लिखे जा सकेंगे तथा प्रशिक्षण के माध्यम से एक-दूसरे से सीखना और प्रेरणा पाना भी संभव हो सकेगा। मंत्री सिंह ने कटनी से वीडियो कॉफ्रेंसिंग से सभी नगरीय निकायों के निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों से चर्चा की।

मंत्री सिंह ने कहा कि अपने वार्ड एवं निकाय में बेहतर नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना लक्ष्‍य होगा और यह चुनौती भी है। नगर, राज्य के विकास का इंजन होते हैं। प्रत्येक व्यक्ति अपने भविष्य की बेहतर संभावनाएँ तलाशने के लिए शहर आता है। यहाँ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। इसीलिए नगरीय योजनाओं और नगरीय विकास का क्रियान्वयन लगातार एक चुनौती पूर्ण कार्य रहा है।

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विगत 15 वर्षों से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के मार्गदर्शन में हमने विकास को एक आयाम दिये हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने नगरीय विकास को सदैव अपनी प्रथम प्राथमिकताओं में रखा है तथा इसके लक्ष्य को प्राप्त करने में किसी भी तरह की कोर कसर नहीं छोड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नगरीय विकास को नए आयाम मिले हैं। स्मार्ट सिटी ,अमृत मिशन, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन ने शहरी परिदृश्य को पूर्ण रूप से परिवर्तित कर दिया है। अब हमारे शहर समस्या से ज्यादा संभावनाओं को जन्म देने वाले बन गए हैं। मध्यप्रदेश सभी प्रमुख योजनाओं में देश के प्रथम तीन स्थान पर रहा है। यह मुख्यमंत्री की अभिप्रेरणा पर आप सभी लोगों के साथ और विश्वास से संभव हो सका है।

मंत्री सिंह ने कहा कि राज्य शासन ने शहरों में रहने वाले नागरिकों को सुविधाएँ उपलब्ध कराने की दृष्टि से अनेक नई पहल की है, जिसमें ऑटोमेटेड बिल्डिंग परमीशन, बेहतर राजस्व प्रबंधन के लिए डबल एंट्री अकाउंटिंग सिस्टम, ई-पालिका प्लेटफार्म से सभी प्रकार की नागरिक सुविधाओं को प्रदाय करना आदि प्रमुख हैं। लोगों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए अनाधिकृत कॉलोनियों को विकसित करना प्राथमिकताओं में है। इसीलिए विगत वर्ष प्रावधानों में भी आवश्यकतानुसार संशोधन किए गए हैं।

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प्रदेश की प्रगति के लिए आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। हम आपके माध्यम से प्रदेश की जनता को न केवल नागरिक सुविधाएँ उपलब्ध करा सकेंगे, बल्कि शहरों का विकास का एक नया मॉडल बनायेंगे। हमारी कोशिश है कि निर्वाचित जन-प्रतिनिधियों को अधिकार संपन्न बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सुझाव लिख कर जरूर लायें। इस प्रकार की कार्यशालाएँ बाद में भी आयोजित की जायेंगी।

प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास नीरज मण्डलोई ने कहा कि कार्यशाला सह सम्मेलन में आपके सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जायेगा। साथ ही आपके सुझावों पर महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा सकेंगे।

आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास भरत यादव ने कहा कि कार्यशाला में सुझाव पेटी भी रखी जायेगी, जिसमें जन-प्रतिनिनिधि अपने सुझाव लिखित में डाल सकेंगे। उन्होंने कहा कि जन-प्रतिनिधियों का प्रशिक्षण प्रशासन अकादमी में भी कराया जायेगा। व्यवस्था के संबंध में भी सभी जरूरी निर्देश दिये गये।

 

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