NEET UG : 3 मई को होने वाली परीक्षा से पहले सख्ती का अलर्ट: देर से पहुंचे तो एंट्री बंद, छुट्टी रोक पर जूडा नाराज़

भोपाल।

3 मई को होने वाली NEET UG परीक्षा इस बार सिर्फ एक टेस्ट नहीं, बल्कि अनुशासन की भी परीक्षा बन गई है।

एनटीए National Testing Agency ने कड़े नियम लागू किए हैं, जिनमें समय की पाबंदी सबसे अहम है। ऐन वक्त पर पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को सीधे एंट्री से वंचित होना पड़ सकता है।

NEET जैसी बड़ी परीक्षा में इस बार नियमों की कसौटी और भी सख्त है। जरा सी लापरवाही, बड़ा नुकसान बन सकती है।

जिला प्रशासन ने साफ कहा है कि उम्मीदवार परीक्षा केंद्र पर कम से कम आधा से एक घंटा पहले पहुंचें।

बेहतर होगा कि छात्र पहले ही अपने सेंटर की लोकेशन देख लें, ताकि अंतिम समय में परेशानी न हो।

1:30 बजे के बाद नो एंट्री

परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश सुबह 11 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक ही मिलेगा। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शहर में 33 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।

पहले से प्लानिंग जरूरी

प्रशासन ने सलाह दी है कि छात्र परीक्षा से पहले ही केंद्र का दौरा कर लें। बाहर से आने वाले अभ्यर्थी समय से पहले शहर पहुंचें, ताकि देरी का जोखिम न रहे।

केंद्र पर ही मिलेगा पेन, सख्त जांच

इस बार पारदर्शिता के लिए काला बॉल पेन केंद्र पर ही दिया जाएगा। साथ ही सघन तलाशी और बायोमेट्रिक सत्यापन अनिवार्य होगा।

नीट यूजी परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषय शामिल होंगे परीक्षा का पैटर्न पिछले वर्षों के समान ही होगा।

एडमिट कार्ड-फोटो अनिवार्य
एडमिट कार्ड की अतिरिक्त कॉपी, पासपोर्ट व पोस्टकार्ड साइज फोटो और वैध पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है।

ड्रेस कोड भी तय
NEET UG 2026 के ड्रेस कोड दिशानिर्देशों के अनुसार, पुरुष और महिला दोनों उम्मीदवारों को बाजूबंद शर्ट और टी-शर्ट के साथ साधारण पैंट और ट्राउजर पहनना अनिवार्य है।

उन्हें जिप पॉकेट, बड़े बटन, सीक्वेंस या कढ़ाई वाले भारी-भरकम कपड़े पहनने से बचना चाहिए। हल्के कपड़े, बिना भारी डिजाइन और सैंडल पहनने की सलाह दी गई है।

छुट्टी रोक पर जूडा का विरोध

इधर, Junior Doctors Association (जूडा) ने मेडिकल छात्रों की छुट्टियां रद्द करने के फैसले पर आपत्ति जताई है।

गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में 2-3 मई को अवकाश पर रोक के खिलाफ जूनियर डॉक्टरों ने कहा कि इससे सभी छात्रों को शक की नजर से देखने का संदेश जाता है।

दरअसल, National Medical Commission के निर्देशों के तहत परीक्षा के दौरान सॉल्वर गैंग पर रोक के लिए सख्ती बढ़ाई गई है। प्रशासन इसे जरूरी बता रहा है, जबकि डॉक्टर इसे अनुचित मान रहे हैं।

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