मध्य प्रदेश की उर्जाधानी कहे जाने वाले सिंगरौली में अवैध रेत खनन अब पर्यावरण और प्रशासन दोनों के लिए बड़ा संकट बनता जा रहा है।
सोन, रिहंद, महान और गोपद जैसी जीवनदायिनी नदियों में कथित तौर पर तय मानकों से बाहर मशीनों के जरिए रेत निकाली जा रही है।
आरोप हैं कि इस अवैध खनन से न सिर्फ नदियों का प्राकृतिक स्वरूप बिगड़ रहा है, बल्कि जलीय जैव विविधता, भूजल पुनर्भरण और पर्यावरण संतुलन पर भी गंभीर असर पड़ रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण (सिया) और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) दोनों ने जांच शुरू कर दी है।
सिया सचिव सुधीर कुमार कोचर (In Photo) ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है, जबकि Central NGT ने भी संयुक्त जांच दल बनाकर छह सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है।
मशीनों से नदी का ‘सीना छलनी’ करने के आरोप
स्थानीय नागरिकों और शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि सहकार ग्लोबल लिमिटेड द्वारा देवसर तहसील क्षेत्र की रेत खदानों में भारी पोकलेन मशीनों के जरिए पट्टे की सीमा से बाहर खनन किया जा रहा है।
शिकायत में GPS टैग्ड तस्वीरें और मीडिया रिपोर्ट भी पेश की गई हैं।
आरोप है कि खनन गतिविधियां सस्टेनेबल सैंड माइनिंग गाइडलाइंस 2016 और एनफोर्समेंट एंड मॉनिटरिंग गाइडलाइंस 2020 का खुला उल्लंघन हैं।
वन विभाग की जांच रिपोर्ट में भी कई अनियमितताओं की ओर संकेत किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में खनन के लिए जरूरी फॉरेस्ट NOC तक प्राप्त नहीं की गई।
इसके अलावा पर्यावरण सुरक्षा के लिए जरूरी ऑयल-ग्रीस ट्रैप और एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) जैसी व्यवस्थाओं के अभाव का भी आरोप है।
दिखावे की कार्रवाई पर उठे सवाल
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और NGT द्वारा संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन ने विगत दिनों रिहंद जलाशय क्षेत्र में
संयुक्त छापामार कार्रवाई कर करीब 155 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत जब्त करने का दावा किया।
(In Photo,Aakanksha Patel ,District Mining Officer)
हालांकि, आरोप है कि जब्त रेत बाद में संबंधित कंपनी को ही सुपुर्द कर दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने जिला खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य सचिव ने भी दिए सख्त निर्देश
प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों को अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि अवैध परिवहन में पकड़े गए वाहनों को राजसात कर शीघ्र नीलाम किया जाए, ताकि माफिया पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
जिम्मेदारों ने नहीं दिया जवाब
इस मामले में सिंगरौली जिला खनिज अधिकारी आकांक्षा पटेल और
संबंधित कंपनी सहकार ग्लोबल लिमिटेड के महाप्रबंधक अभिजीत सिंह से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया।
हालांकि, दोनों की ओर से न तो फोन कॉल रिसीव किए गए और न ही व्हाट्सएप संदेशों का कोई जवाब दिया गया।
यदि भविष्य में उनका पक्ष प्राप्त होता है, तो उसे समाचार में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।