Protein Intake: क्या सभी लोगों को ज्यादा प्रोटीन खाना चाहिए? जानिए रिसर्च क्या कहती है

Protein Intake पर नई रिसर्च क्या कहती है? जानिए रोज कितना प्रोटीन जरूरी है, ज्यादा प्रोटीन के फायदे, जोखिम और किन लोगों को अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।

Protein Intake: फिटनेस की दुनिया में अक्सर यह दावा किया जाता है कि अधिक प्रोटीन खाना बेहतर स्वास्थ्य और मजबूत शरीर की कुंजी है। हाल ही में प्रकाशित एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Perspective) लेख ने भी सुझाव दिया है कि मौजूदा प्रोटीन सिफारिशों से अधिक मात्रा कई लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत अलग होती है और इसे एक समान नियम नहीं माना जा सकता।

क्या कहती है नई रिसर्च?

कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय से जुड़े शोधकर्ता डॉ. क्रिस मैकडोनाल्ड द्वारा प्रकाशित एक दृष्टिकोण लेख में कहा गया है कि वर्तमान प्रोटीन सिफारिशें मुख्य रूप से शरीर में कमी (Deficiency) से बचाने के लिए बनाई गई हैं। उनका तर्क है कि बेहतर मांसपेशियों, स्वस्थ उम्र बढ़ने और समग्र स्वास्थ्य के लिए कुछ लोगों को इससे अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि यह एक Perspective Paper है, न कि ऐसा क्लिनिकल अध्ययन जो सीधे यह साबित करता हो कि सभी लोगों को प्रोटीन की मात्रा दोगुनी कर देनी चाहिए।

वर्तमान प्रोटीन सिफारिश क्या है?

अधिकांश अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान सामान्य स्वस्थ वयस्कों के लिए प्रतिदिन 0.8 ग्राम प्रोटीन प्रति किलोग्राम शरीर के वजन की न्यूनतम मात्रा की सिफारिश करते हैं। यह मात्रा मुख्य रूप से शरीर की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए है।

हालांकि, कुछ लोगों को इससे अधिक प्रोटीन की आवश्यकता हो सकती है, जैसे—

  • नियमित व्यायाम करने वाले लोग
  • एथलीट
  • बुजुर्ग
  • बीमारी या सर्जरी से उबर रहे मरीज
  • वजन कम करते समय मांसपेशियां बचाना चाहने वाले लोग

ज्यादा प्रोटीन खाने के संभावित फायदे

यदि संतुलित मात्रा में और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार लिया जाए, तो अधिक प्रोटीन के कई लाभ हो सकते हैं।

  • मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद।
  • लंबे समय तक पेट भरा रहने से वजन नियंत्रित रखने में सहायता।
  • उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियों की कमजोरी का जोखिम कम करने में मदद।
  • व्यायाम के बाद रिकवरी बेहतर हो सकती है।
  • हड्डियों के स्वास्थ्य को समर्थन मिल सकता है।

क्या सभी लोगों को प्रोटीन दोगुना कर देना चाहिए?

इस सवाल का जवाब नहीं है। वर्तमान वैज्ञानिक प्रमाण यह नहीं कहते कि हर व्यक्ति को अपनी प्रोटीन मात्रा दोगुनी कर लेनी चाहिए। जरूरत उम्र, वजन, शारीरिक गतिविधि, स्वास्थ्य स्थिति और व्यक्तिगत लक्ष्य पर निर्भर करती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बहुत अधिक प्रोटीन लेने से अतिरिक्त लाभ हमेशा नहीं मिलते। यदि किसी व्यक्ति को पहले से किडनी की बीमारी है, तो अधिक प्रोटीन नुकसानदायक भी हो सकता है। इसलिए बिना विशेषज्ञ सलाह के अचानक प्रोटीन की मात्रा बढ़ाना उचित नहीं है।

प्रोटीन के अच्छे स्रोत

दैनिक जरूरत पूरी करने के लिए प्राकृतिक खाद्य पदार्थ सबसे बेहतर विकल्प माने जाते हैं।

  • दालें और राजमा
  • दूध, दही और पनीर
  • अंडे
  • मछली और चिकन
  • सोया और टोफू
  • मेवे और बीज

नई रिसर्च यह संकेत देती है कि कुछ लोगों के लिए मौजूदा न्यूनतम सिफारिश से अधिक प्रोटीन फायदेमंद हो सकता है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति को अपनी प्रोटीन मात्रा दोगुनी कर देनी चाहिए। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और व्यक्तिगत जरूरत के अनुसार प्रोटीन का सेवन ही सबसे सुरक्षित और प्रभावी तरीका है।

नोट: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। यदि आपको किडनी, लिवर या अन्य गंभीर स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या आप प्रोटीन सप्लीमेंट लेना चाहते हैं, तो पहले डॉक्टर या पंजीकृत डाइटिशियन से सलाह लें।