काठमांडू।
नेपाल के हिमालयी क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी।
चीन के तिब्बत से सटे रसुवा जिले में भोटे कोशी नदी के उफान ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया।
बाढ़ के पानी में सड़कें, पुल और बिजली परियोजनाओं से जुड़े ढांचे क्षतिग्रस्त होने की खबर है।
प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
इस आपदा में बड़े पैमाने पर जनहानि और संपत्ति का नुकसान हो सकता है।
हालांकि, शुरुआती घंटों में मृतकों या लापता लोगों की सटीक संख्या सामने नहीं आई ।
Nepal flash flood –
नेपाली मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अभी तक 32 पुलिसकर्मियों, 25 पिलग्रिम सहित बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने की सूचना है। मतलब इनसे संपर्क कट गया है। हैलिकॉप्टरों ने 12 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। कई हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट बह गए हैं।
पत्रकार… https://t.co/C6kuBf1HJp pic.twitter.com/UsZRTxSdX9
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 26, 2026
रसुवा जिले के कई इलाके बुरी तरह प्रभावित
रसुवा जिले के स्याफ्रुबेसी और टिमुरे क्षेत्र फ्लैश फ्लड से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
इस पर्वतीय जिले की आबादी करीब 50 हजार है।
कई गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के बह जाने की खबर मिली है।
जिला प्रशासक नरेंद्र परियार ने स्थिति को गंभीर बताया।
उन्होंने कहा -फिलहाल नुकसान और संभावित जनहानि का सटीक आकलन करना मुश्किल है।
प्रशासन ने भोटे कोशी किनारे बसे लोगों से सतर्क रहने
और निचले इलाकों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।
सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट क्षतिग्रस्त
बाढ़ से सड़क और पुलों के साथ जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
कई स्थानों पर बुनियादी ढांचा क्षतिग्रस्त होने के कारण इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
हिमालयी क्षेत्रों में जलविद्युत परियोजनाएं स्थानीय बिजली व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं।
ऐसे में परियोजनाओं को हुए नुकसान से सामान्य बिजली आपूर्ति बहाल करने में चुनौती सामने आ सकती है।
राहत और बचाव के लिए सेना-पुलिस की टीमें तैनात
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए नेपाल सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।
प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने अधिकारियों को प्रभावित इलाकों में बचाव दल भेजने के निर्देश दिए हैं।
पुलिस और सेना के जवानों के साथ राहत एवं बचाव दलों को भी प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू किया गया है।
सरकार ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
पिछले साल भी भोटे कोशी में आई थी विनाशकारी बाढ़
भोटे कोशी नदी में पिछले साल भी भीषण बाढ़ आई थी। उस घटना में 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 24 लोग लापता हो गए थे।
बाढ़ के कारण नेपाल और चीन को जोड़ने वाला फ्रेंडशिप ब्रिज भी बह गया था।
पुल क्षतिग्रस्त होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और परिवहन व्यवस्था कई महीनों तक प्रभावित रही थी।
पिछली बाढ़ तिब्बत में एक ग्लेशियल झील फूटने से आई थी।
इस बार भोटे कोशी में आई बाढ़ को चीन की करतूत माना जा रहा है।
Nepal has been addressing the legitimate security concerns of our neighbors. However, it must be said with sadness that our northern neighbor has significantly undermined us. By failing to provide early warning of such a massive disaster, we suffered immense loss of human life.
— Parshuram Kaphle 🇳🇵 (@journoprk) August 26, 2026
तिब्बत से निकलती है भोटे कोशी नदी

भोटे कोशी नदी का उद्गम तिब्बत में होता है।
यह नदी नेपाल में प्रवेश करने के बाद त्रिशूली नदी से मिलती है।
आगे चलकर त्रिशूली का पानी भारत में गंडक नदी के रूप में प्रवेश करता है।
नदी के आसपास पहाड़ी बस्तियां और कई महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं हैं।
बाढ़ से जनजीवन के साथ परिवहन और बिजली व्यवस्था पर भी व्यापक असर पड़ा है।
जनहानि का खतरा, नुकसान का आकलन जारी
फ्लैश फ्लड के बाद सबसे बड़ी चिंता संभावित जनहानि को लेकर है।
अधिकारियों ने कहा है कि कई इलाकों तक पहुंच बाधित होने के कारण नुकसान का पूरा आकलन तुरंत संभव नहीं है।
बचाव दलों के प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने लोग प्रभावित हुए हैं
संपत्ति तथा बुनियादी ढांचे को कितना नुकसान पहुंचा है?
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता नदी के किनारे और निचले इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना
और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराना है।
Key Words:
नेपाल बाढ़, रसुवा बाढ़, भोटे कोशी नदी, भीषण बाढ़, हिमालयी क्षेत्र, बाढ़ की तबाही,
गांव प्रभावित, सड़कें क्षतिग्रस्त, पुल क्षतिग्रस्त, बिजली परियोजनाएं,
बिजली आपूर्ति बाधित, प्रशासन अलर्ट, सुरक्षित स्थान,
ऊंचे स्थान, जनहानि, संपत्ति का नुकसान, नेपाल आपदा