यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दो सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले करने का दावा किया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब करीब दो सप्ताह तक बंद रहने के बाद रियाद एयरपोर्ट के कुछ टर्मिनलों पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर शुरू की गईं। क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच हवाई सुरक्षा और उड़ानों के संचालन को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी के अनुसार, रविवार, 25 अक्टूबर को तीन अलग-अलग सैन्य अभियानों के तहत बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं। हूतियों ने दावा किया कि इन अभियानों में रियाद का अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, एक एयरबेस और एक नौसैनिक ठिकाना निशाने पर थे। हालांकि, इन सभी ठिकानों पर सफल हमले और नुकसान संबंधी दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
रियाद के किंग खालिद एयरपोर्ट को निशाना बनाने का दावा
हूती विद्रोहियों ने अपने पहले सैन्य अभियान में रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाने का दावा किया। हूती प्रवक्ता ने कहा कि मिसाइलों से निर्धारित लक्ष्य पर हमला किया गया।
एयरपोर्ट की सुरक्षा को लेकर यह घटनाक्रम अहम है, क्योंकि इससे पहले अक्टूबर में हुए हमले के बाद यहां परिचालन रोक दिया गया था। 25 अक्टूबर को एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 से घरेलू उड़ानें और टर्मिनल 2 से सऊदी एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानें फिर शुरू करने की घोषणा की गई थी।
हूती प्रवक्ता ने एयरपोर्ट को असुरक्षित बताते हुए विमानन कंपनियों, कर्मचारियों और यात्रियों को इसका इस्तेमाल न करने की चेतावनी भी दी थी। इस बीच, सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर आने वाली मिसाइल और ड्रोन को रोकने की जानकारी दी।
खमीस मुशैत एयरबेस पर हमले का भी दावा
हूती विद्रोहियों ने अपने दूसरे अभियान में दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब के खमीस मुशैत स्थित किंग खालिद एयरबेस को निशाना बनाने का दावा किया। हूती सैन्य प्रवक्ता के मुताबिक, इस ठिकाने पर लड़ाकू विमानों के हैंगर, गोला-बारूद के भंडार, ड्रोन कंट्रोल सेंटर और अन्य महत्वपूर्ण सैन्य परिसरों को निशाना बनाया गया।
हालांकि, इन ठिकानों को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अलग से बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने दक्षिणी सऊदी अरब की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोक दिया था।
जिजान के नौसैनिक ठिकाने को निशाना बनाने का दावा
हूतियों के तीसरे सैन्य अभियान का लक्ष्य सऊदी अरब के जिजान क्षेत्र में स्थित बॉर्डर गार्ड फोर्स का दक्षिणी नौसैनिक ठिकाना बताया गया। हूती प्रवक्ता ने दावा किया कि इस हमले में कई सैनिक और अधिकारी मारे गए या घायल हुए।
हालांकि, हताहतों की संख्या और नौसैनिक ठिकाने को हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इस कारण इन दावों को सत्यापित तथ्य के बजाय हूती विद्रोहियों के बयान के रूप में देखना जरूरी है।
सऊदी अरब ने मिसाइल और ड्रोन रोकने की दी जानकारी
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने 25 अक्टूबर को बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक ड्रोन को रोका। इसके अलावा, दक्षिण-पश्चिमी शहर खमीस मुशैत की ओर आने वाली एक क्रूज मिसाइल को भी इंटरसेप्ट करने की जानकारी दी गई।
गठबंधन ने बाद में दक्षिणी क्षेत्र की ओर दागी गई 10 बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की बात कही। रियाद, अबहा और खमीस मुशैत के कुछ इलाकों में संभावित हवाई खतरे को लेकर अलर्ट भी जारी किए गए थे। बाद में नागरिक सुरक्षा अधिकारियों ने खतरा टलने की जानकारी दी।
दो सप्ताह बाद फिर शुरू हुई थीं उड़ानें
रियाद का किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट अक्टूबर की शुरुआत में हुए घातक हमले के बाद 10 अक्टूबर से बंद था। 25 अक्टूबर को इसके दो टर्मिनलों पर परिचालन दोबारा शुरू करने की घोषणा की गई।
नई व्यवस्था के तहत टर्मिनल 1 को घरेलू उड़ानों और टर्मिनल 2 को सऊदी एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए निर्धारित किया गया। हालांकि, सुरक्षा चिंताओं के कारण हवाई यातायात सामान्य होने को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।
सऊदी अरब के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर भी उड़ानों में देरी और रद्द होने की समस्या सामने आई। जेद्दा और दम्माम एयरपोर्ट पर परिचालन जारी रहने की जानकारी थी, लेकिन कुछ उड़ानें प्रभावित हुईं।
यमन संघर्ष के बीच बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष का संबंध यमन के लंबे गृहयुद्ध से है। वर्ष 2015 में सऊदी अरब ने यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य गठबंधन का नेतृत्व किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कई वर्षों तक संघर्ष जारी रहा।
2022 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुए संघर्षविराम के बाद हिंसा में कुछ कमी आई थी, लेकिन हाल के घटनाक्रमों ने क्षेत्र में तनाव फिर बढ़ा दिया है। लाल सागर के आसपास रणनीतिक इलाकों और अहम समुद्री मार्गों को लेकर जारी संघर्ष का असर क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और हवाई यातायात पर भी पड़ रहा है।
यात्रियों और विमानन कंपनियों के लिए सुरक्षा अहम
रियाद एयरपोर्ट पर परिचालन दोबारा शुरू होने के बावजूद मिसाइल और ड्रोन संबंधी खतरे चिंता का विषय बने हुए हैं। एयरपोर्ट को निशाना बनाने की हूतियों की चेतावनी और सऊदी अरब की ओर से मिसाइलों को रोकने की जानकारी ने सुरक्षा स्थिति को संवेदनशील बना दिया है।
यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति संबंधित एयरलाइन और एयरपोर्ट से जांचने तथा स्थानीय अधिकारियों की सुरक्षा सलाह का पालन करने की जरूरत है। फिलहाल, हूतियों के हमलों के दावों, सऊदी वायु रक्षा की कार्रवाई और एयरपोर्ट संचालन की स्थिति पर नजर बनी हुई है।