न्यूयॉर्क: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में एक बार फिर कश्मीर मुद्दा उठाया। 25 सितंबर को न्यूयॉर्क में दिए अपने संबोधन में शरीफ ने 2025 के भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष का जिक्र किया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कथित भूमिका की तारीफ की। उन्होंने कहा कि ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप से दक्षिण एशिया में बड़ी तबाही टली। हालांकि, भारत लगातार इस दावे को खारिज करता रहा है कि संघर्षविराम में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता थी।
कश्मीर मुद्दे पर फिर पाकिस्तान का जोर
शहबाज शरीफ ने अपने करीब 23 मिनट के भाषण में कहा कि दक्षिण एशिया को दोबारा 2025 जैसे हालात की ओर जाने से रोकने के लिए कश्मीर मुद्दे का “न्यायपूर्ण और उचित समाधान” जरूरी है। उन्होंने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर अपने पुराने रुख को दोहराया।
पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, शरीफ ने कहा कि उनका देश कश्मीरियों को राजनीतिक, कूटनीतिक और नैतिक समर्थन जारी रखेगा। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की “jugular vein” बताया।
ट्रंप की तारीफ में क्या बोले शहबाज?
शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके “resolute and visionary leadership” के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने दावा किया कि ट्रंप के “timely intervention” ने दक्षिण एशिया में करोड़ों लोगों की जान बचाई। यह दावा भारत के रुख से अलग है। भारत ने लगातार कहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य गतिविधियां रोकने में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की गई।
ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान का दावा
शरीफ ने 2025 के संघर्ष का जिक्र करते हुए पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई को अपने बचाव के तौर पर पेश किया। उन्होंने पाकिस्तान के सशस्त्र बलों की तारीफ की और कहा कि उन्होंने भारतीय हमलों का जवाब दिया। पाकिस्तान की सरकारी एजेंसी ने उनके भाषण में ऑपरेशन सिंदूर के संदर्भ में इसी दावे को दर्ज किया है।
भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारत के अनुसार, यह कार्रवाई 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए की गई थी।
भारत का रुख क्या है?
कश्मीर पर पाकिस्तान के दावों को भारत संयुक्त राष्ट्र सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर खारिज करता रहा है। भारत का आधिकारिक रुख है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। UNGA में शहबाज शरीफ के संबोधन का जवाब देने के लिए भारत अपने प्रतिनिधि के जरिए Right of Reply का इस्तेमाल करने वाला है।
सिंधु जल संधि का भी उठाया मुद्दा
शहबाज शरीफ ने अपने भाषण में सिंधु जल संधि का मुद्दा भी उठाया। पाकिस्तान का कहना है कि भारत द्वारा संधि को रोकने का फैसला कानूनी आधार नहीं रखता। दूसरी ओर, भारत ने कहा है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद संधि को तब तक स्थगित रखा जाएगा जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के समर्थन को विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय रूप से समाप्त नहीं करता।