रूस में प्लेग की आशंका के बीच गोवा पहुंचे रूसी पर्यटक, हेल्थ स्क्रीनिंग की मांग; सरकार ने कहा- अभी एडवाइजरी नहीं

रूस में लैब कर्मचारी की मौत के बाद न्यूमोनिक प्लेग की आशंका के बीच गोवा में रूसी पर्यटकों की हेल्थ स्क्रीनिंग की मांग उठी है। हालांकि गोवा सरकार के अनुसार अभी WHO की ओर से कोई आधिकारिक एडवाइजरी नहीं मिली है।

पणजी: रूस के साइबेरिया स्थित इरकुत्स्क क्षेत्र में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद संभावित न्यूमोनिक प्लेग को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बीच बड़ी संख्या में रूसी पर्यटक चार्टर फ्लाइट्स के जरिए गोवा पहुंच रहे हैं। मामले को देखते हुए गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस नेता यूरी अलेमाओ ने रूस से आने वाले पर्यटकों की एहतियाती स्वास्थ्य जांच कराने की मांग की है। हालांकि, गोवा सरकार का कहना है कि फिलहाल उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) या किसी अन्य स्वास्थ्य संगठन की ओर से कोई एडवाइजरी नहीं मिली है।

रूस में लैब कर्मचारी की मौत से बढ़ी चिंता

रिपोर्ट के मुताबिक, इरकुत्स्क स्थित साइबेरिया और सुदूर पूर्व के एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाली 28 वर्षीय महिला लैब कर्मचारी की पिछले सप्ताह मौत हो गई थी। उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को एहतियातन क्वारंटीन या निगरानी में रखा गया है।

हालांकि, रूसी अधिकारियों ने मौत को प्लेग से जोड़ने की पुष्टि नहीं की है। अधिकारियों के अनुसार, महिला की मौत 2 अक्टूबर को ऐसे निमोनिया से हुई जिसकी वजह अभी स्पष्ट नहीं है। रूस ने यह भी कहा है कि फिलहाल महामारी फैलने का कोई खतरा नहीं है।

गोवा में रूसी पर्यटकों की स्क्रीनिंग की मांग

रूस से लगातार चार्टर फ्लाइट्स के जरिए पर्यटकों के गोवा पहुंचने के बीच विपक्ष ने सरकार से एहतियाती कदम उठाने की अपील की है। यूरी अलेमाओ ने कहा कि रूस से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच शुरू की जानी चाहिए और उनकी निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर की जानी चाहिए।

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उन्होंने कहा कि गोवा के लिए पर्यटन बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन लोगों का स्वास्थ्य और सुरक्षा भी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

WHO ने भी रूस से मांगी जानकारी

इस मामले में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी रूस से लैब कर्मचारी की मौत और उससे जुड़े घटनाक्रम पर अधिक जानकारी मांगी है। WHO का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य नियमों के तहत समय पर और पारदर्शी तरीके से जानकारी साझा करना जरूरी है, ताकि संभावित सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम का सही आकलन किया जा सके।

WHO की ओर से जानकारी मांगे जाने के बाद मामले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी निगरानी बढ़ गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसे रूस में प्लेग महामारी घोषित नहीं किया गया है।

गोवा सरकार ने क्या कहा?

गोवा के पर्यटन निदेशक केदार नाइक के मुताबिक, पर्यटन विभाग को अभी तक WHO या किसी अन्य स्वास्थ्य संगठन की ओर से रूसी पर्यटकों की स्क्रीनिंग को लेकर कोई आधिकारिक एडवाइजरी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि फिलहाल पर्यटन सीजन सामान्य रूप से चल रहा है और गोवा आने वाले पर्यटकों का स्वागत किया जा रहा है।

सरकार का कहना है कि यदि स्वास्थ्य नियामकों की ओर से कोई एडवाइजरी जारी होती है, तो उसके आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

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गोवा पहुंच रहीं चार्टर फ्लाइट्स

गोवा में पर्यटन सीजन पिछले सप्ताह शुरू हुआ है। रूस के येकातेरिनबर्ग से पहली चार्टर फ्लाइट 162 यात्रियों को लेकर गोवा पहुंची थी। इसके बाद 4 अक्टूबर को मॉस्को से 285 यात्रियों वाली एक और चार्टर फ्लाइट गोवा पहुंची।

गोवा में रूस एक प्रमुख पर्यटन बाजार रहा है। ऐसे में रूसी पर्यटकों की आवाजाही और रूस में सामने आए स्वास्थ्य संबंधी मामले के बीच राज्य सरकार पर स्थिति पर नजर रखने का दबाव बढ़ गया है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि रूस में हुई लैब कर्मचारी की मौत को आधिकारिक तौर पर प्लेग से जोड़कर पुष्टि नहीं की गई है।