महाकाल मंदिर का खजाना 472 करोड़ के पार, 3 साल में 21 करोड़ भक्तों ने किए दर्शन

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए मंदिर के खाते में आए, जिसमें सबसे खास बात यह रही कि 2025 में पहली बार गुप्त दान का जिक्र सामने आया है, इसमें भक्तों ने चार करोड़ 65 लाख रुपए गुप्त रूप से दान किए।

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए मंदिर के खाते में आए हैं। यह आंकड़ा 2022 से पहले के 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं की तुलना में बहुत बड़ा है। मंदिर प्रशासन के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। महाकाल लोक ने मंदिर की पहचान पूरी तरह बदल दी है। आज से समय में उज्जैन का महाकाल मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

महाकाल मंदिर का दान का आंकड़ा

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार साल 2023 में पांच करोड़ 30 लाख श्रद्धालु मंदिर आए थे। अगले साल यानी 2024 में यह संख्या बढ़कर सात करोड़ 20 लाख हो गई थी। वहीं 2025 में श्रद्धालुओं की संख्या रिकॉर्ड आठ करोड़ 42 लाख तक पहुंच गई थी। तीनों साल को जोड़ें तो कुल आंकड़ा 20 करोड़ 92 लाख बैठता है। यह साफ दिखाता है कि हर साल भक्तों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

मंदिर प्रशासन के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है। मंदिर को सबसे ज्यादा कमाई दान पेटियों से हुई। तीन साल में दान पेटी से 148 करोड़ 68 लाख रुपए जमा हुए। अकेले 2025 में यह आंकड़ा 62 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसके अलावा नकद काउंटर से नौ करोड़ 97 लाख, ऑनलाइन दान से पांच करोड़ 34 लाख और अन्न क्षेत्र से छह करोड़ 73 लाख रुपए मिले हैं।

महाकाल मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता

महाकाल लोक ने मंदिर की पहचान पूरी तरह बदल दी है। आज से समय में उज्जैन का महाकाल मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है। उज्जैन के महाकाल मंदिर की प्रबंध समिति भक्तों से मिले दान का उपयोग निर्माण कार्यों और विस्तारीकरण में कर रही है। यह काम आने वाले सिंहस्थ की तैयारी का हिस्सा है।

मंदिर परिसर को और बड़ा बनाने की योजना पर काम चल रहा है। जानकारी के अनुसार इंदौर-उज्जैन रोड पर 2200 कमरों का भक्त निवास भी बनाया जा रहा है। यह निर्माण श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए किया जा रहा है। आने वाले समय में और सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं।

महाकाल मंदिर के दान के आंकड़े

महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए मंदिर के खाते में आए हैं। यह आंकड़ा 2022 से पहले के 40 से 50 हजार श्रद्धालुओं की तुलना में बहुत बड़ा है। मंदिर प्रशासन के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है।

महाकाल लोक ने मंदिर की पहचान पूरी तरह बदल दी है। आज से समय में उज्जैन का महाकाल मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है।

  • महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए मंदिर के खाते में आए हैं।
  • महाकाल लोक ने मंदिर की पहचान पूरी तरह बदल दी है।
  • आज से समय में उज्जैन का महाकाल मंदिर दुनिया भर में प्रसिद्ध है।