शिवलिंग पर कौन सा धातु का सर्प चढ़ाना होता है शुभ?

शिवलिंग पर विभिन्न धातुओं से बने सर्प अर्पित करने का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव की कृपा दिलाता है और कालसर्प दोष जैसे कुंडली दोषों को शांत करता है। शिव जी के गले में सदैव वासुकी नाग सुशोभित रहते हैं, इसलिए उन्हें नागेश्वर भी कहते हैं।

शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना सामान्य पूजा विधि का तरीका है, लेकिन शिवलिंग पर सर्प को अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान शिव को नाग अत्यंत प्रिय होते हैं। जब हम शिवलिंग पर चांदी, तांबा या पीतल से बने सर्प को अर्पित करते हैं, तो यह सीधे तौर पर महादेव की कृपा मिलती है। यह वही लोग अर्पित करते हैं, जिनकी कुंडली में कालसर्प दोष या राहु-केतु से संबंधित कोई अशुभ स्थिति होती है।

शिवलिंग पर सर्प चढ़ाने का महत्व

शिवलिंग पर सर्प चढ़ाने से भगवान शिव की कृपा मिलती है।

यह कालसर्प दोष जैसे कुंडली दोषों को शांत करता है।

शिव जी को नाग क्यों प्रिय हैं

शिव जी के गले में सदैव वासुकी नाग सुशोभित रहते हैं।

इसलिए उन्हें नागेश्वर भी कहते हैं।

कालसर्प दोष निवारण के लिए सर्प पूजा

कालसर्प दोष निवारण के लिए सर्प पूजा सबसे ज्यादा अहम मानी जाती है।

  • चांदी, तांबा या पीतल से बने सर्प को अर्पित करने से कालसर्प दोष शांत होता है।
  • सोमवार को गंगाजल से स्नान कराकर नाग को शिवलिंग पर स्थापित करना चाहिए।
  • श्रद्धापूर्वक शिव को नाग समर्पित करने से रुकी हुई इच्छाएं पूरी होती हैं।

शिवलिंग पर सर्प चढ़ाने का सही तरीका

शिवलिंग पर सर्प चढ़ाने के लिए सोमवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।

गंगाजल से स्नान कराकर नाग को शिवलिंग पर स्थापित करना चाहिए। इसके लिए आप शिव पूजा विधि की जानकारी ले सकते हैं। इसके अलावा, आप कालसर्प दोष निवारण और शिवलिंग पूजा के बारे में भी जान सकते हैं।