महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण माह की पहली सवारी आज है। यह सवारी वैदिक उद्बोधन थीम पर आधारित होगी। बता दें कि सवारी शाम 4 बजे मंदिर के सभामंडप से शुरू होगी। इसके बाद यह शिप्रा तट पहुंचकर पूजन के बाद वापस मंदिर आएगी। रास्ते में कई प्रमुख बाजार और मंदिर आएंगे। इस साल हर सवारी की थीम अलग तय की गई है। यह क्रम भक्तों को हर बार नया अनुभव देगा। इसके अलावा बता दें कि पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस दिन 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। यह व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए की गई है।
महाकालेश्वर मंदिर की पहली सवारी
महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण माह की पहली सवारी आज है। यह सवारी वैदिक उद्बोधन थीम पर आधारित होगी।
बता दें कि सवारी शाम 4 बजे मंदिर के सभामंडप से शुरू होगी। इसके बाद यह शिप्रा तट पहुंचकर पूजन के बाद वापस मंदिर आएगी।
सवारी की विशेषता
इस साल हर सवारी की थीम अलग तय की गई है। यह क्रम भक्तों को हर बार नया अनुभव देगा।
इसके अलावा बता दें कि पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि इस दिन 1200 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
महाकालेश्वर मंदिर की सवारी के मुख्य आकर्षण
महाकालेश्वर मंदिर की सवारी में कई आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। इसमें वैदिक उद्बोधन, लोक नृत्य, पुलिस बैंड, स्काउट गाइड और भजन मंडलियां शामिल रहेंगी।
- महाकालेश्वर मंदिर की पहली सवारी आज है।
- सवारी वैदिक उद्बोधन थीम पर आधारित होगी।
- सवारी में कई आकर्षक झांकियां शामिल होंगी।
महाकालेश्वर मंदिर की सवारी का महत्व
महाकालेश्वर मंदिर की सवारी का बहुत महत्व है। यह सवारी श्रद्धालुओं को भगवान महाकाल के दर्शन कराती है।
इसके अलावा बता दें कि महाकालेश्वर मंदिर की सवारी में शामिल होने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं।