हनुमान जी के जीवन से चार महत्वपूर्ण सीखें अपनाकर व्यक्ति अपने संकटों को दूर कर सकता…
Category: धर्म
हनुमान जी के जीवन से सीखें ये 4 अमूल्य बातें, हर संकट में मिलेगा साहस और सफलता का मार्ग
हनुमान जी के जीवन से मिलने वाली 4 महत्वपूर्ण सीखों के बारे में जानें। राम भक्ति, विनम्रता, मधुर वाणी और निस्वार्थ सेवा जैसे गुण जीवन को सफल और सकारात्मक बना सकते हैं।
चातुर्मास: गरुड़ पुराण के अनुसार इन 4 धार्मिक कार्यों को अपनाने से मिलेगी आत्मशुद्धि और पुण्य की दृष्टि
चातुर्मास 2026 में आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए गरुड़ पुराण में बताए गए चार धार्मिक कार्यों का महत्व जानिए।
चातुर्मास 2026 में आत्मशुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के लिए गरुड़ पुराण में बताए गए चार धार्मिक…
चातुर्मास के दौरान भूलकर भी न करें ये 5 काम, वरना बढ़ेगी परेशानी
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होता है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं और शुभ कार्य वर्जित होते हैं। इस दौरान तामसिक भोजन, नकारात्मक भावनाएं, गुस्सा और घमंड करने से बचना चाहिए।
चातुर्मास आषाढ़ शुक्ल एकादशी से शुरू होता है, जब भगवान विष्णु योगनिद्रा में चले जाते हैं…
गुरु पूर्णिमा पर जानें गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ और सावन के संगम पर कृतज्ञता और आध्यात्मिकता का पर्व है, जो गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को दर्शाता है। यह भगवान शिव द्वारा सप्तर्षियों को योग-ज्ञान देने की कथा से जुड़ा है, जिसने गुरु-शिष्य परंपरा की शुरुआत की। महर्षि वेदव्यास के योगदान को व्यास पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है।
गुरु पूर्णिमा आषाढ़ और सावन के संगम पर कृतज्ञता और आध्यात्मिकता का पर्व है, जो गुरु-शिष्य…
अतिथि देवो भव: मेहमानों के सत्कार से जुड़े ये 4 नियम बदल देंगे आपका भाग्य, आज ही जानें
सनातन धर्म में मेहमानों को भगवान का रूप मानकर उनका सत्कार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शास्त्रों में बताए गए शांत मन, मधुर वाणी, शुद्धता और उपहार देने जैसे नियमों का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और देवी-देवताओं का वास होता है।
सनातन धर्म में मेहमानों को भगवान का रूप मानकर उनका सत्कार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शास्त्रों…
ब्रह्मा, विष्णु और महेश की उत्पत्ति का रहस्य, जानिए पौराणिक कथा के अनुसार कैसे हुई त्रिदेव की उत्पत्ति?
हिंदू धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और महेश को त्रिदेव कहा जाता है। यह लेख उनकी उत्पत्ति के रहस्य और पूजा के महत्व को बताता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, ब्रह्मा जी को सृष्टि का रचयिता कहा जाता है और भगवान विष्णु सृष्टि का संचलान करते हैं। साथ ही भगवान शिव को नष्ट करने वाला देवता माना गया है।
हिंदू धर्म में ब्रह्मा, विष्णु और महेश को त्रिदेव कहा जाता है। यह लेख उनकी उत्पत्ति…
गरुड़ पुराण: सौभाग्यशाली पुरुषों को ही मिलती इन 4 गुणों वाली पत्नी, घर को बना देती है स्वर्ग
गरुड़ पुराण में वैवाहिक जीवन को सुखी और सफल बनाने के लिए कई नीतियों का वर्णन किया गया है। इन नीतियों का पालन करने से वैवाहिक जीवन में खुशियों का आगमन होता है।
गरुड़ पुराण में वैवाहिक जीवन को सुखी और सफल बनाने के लिए कई नीतियों का वर्णन…
उज्जैन में 7 साल बाद बनेगा दुर्लभ संयोग, सावन की तीसरी सवारी और नागपंचमी एक साथ
उज्जैन में 17 अगस्त को सावन की तीसरी सवारी और नागपंचमी एक साथ पड़ रही है। इसी दिन नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भी खुलेंगे। यह मंदिर साल में सिर्फ एक दिन खुलता है। ऐसा संयोग सात साल बाद बना है। प्रशासन का अनुमान है कि 8 से 10 लाख श्रद्धालु उज्जैन पहुंच सकते हैं। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन में इस बार सावन खास होने जा रहा है।
उज्जैन में 17 अगस्त को सावन की तीसरी सवारी और नागपंचमी एक साथ पड़ रही है।…
अंतिम संस्कार के बाद घर में तुलसी क्यों लगाई जाती है? जानें इसके पीछे का गहरा आध्यात्मिक कारण
हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के बाद घर में तुलसी का पौधा लगाना एक महत्वपूर्ण परंपरा है। गरुड़ पुराण के अनुसार, यह आत्मा की शांति, मोक्ष प्राप्ति और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए किया जाता है।
हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार के बाद घर में तुलसी का पौधा लगाना एक महत्वपूर्ण परंपरा…
महाकाल मंदिर का खजाना 472 करोड़ के पार, 3 साल में 21 करोड़ भक्तों ने किए दर्शन
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए मंदिर के खाते में आए, जिसमें सबसे खास बात यह रही कि 2025 में पहली बार गुप्त दान का जिक्र सामने आया है, इसमें भक्तों ने चार करोड़ 65 लाख रुपए गुप्त रूप से दान किए।
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अनुसार तीन साल में दान से 175 करोड़ 70 लाख रुपए…