रीवा हत्याकांड पर कांग्रेस का दबाव बढ़ा: DGP से मिलकर CBI जांच की मांग, बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई

रीवा में आदिवासी कांग्रेस नेता अमित कोल हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने डीजीपी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने मामले की सीबीआई जांच, सभी साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की।

“उमंग सिंघार के नेतृत्व में आदिवासी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा, निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग.”

भोपाल(9826019364)।

रीवा में आदिवासी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष अमित कोल की हत्या का मामला अब राजनीतिक रूप से भी गरमा गया है। कांग्रेस ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की मांग उठाई है।

सोमवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में आदिवासी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पुलिस मुख्यालय पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को ज्ञापन सौंपा।

हत्या को बताया गंभीर मामला

उमंग सिंघार ने कहा कि अमित कोल की हत्या समाज को झकझोरने वाली घटना है।

उन्होंने कहा कि सभी आरोपियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। इससे अपराधियों में कानून का भय बनेगा।

बड़े षड्यंत्र की आशंका जताई

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामला केवल व्यक्तिगत विवाद का नहीं लगता।

उनके अनुसार, हत्या के पीछे बड़े आपराधिक षड्यंत्र की आशंका है।

उन्होंने कहा कि कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी से जांच पूरी नहीं मानी जा सकती।

CBI जांच की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि मामले की जांच सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी को सौंपी जाए।

कांग्रेस का कहना है कि इससे जांच निष्पक्ष और बाहरी प्रभाव से मुक्त रहेगी।

ये भी रखीं प्रमुख मांगें

कांग्रेस ने सभी सह-अभियुक्तों की पहचान कर तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।

डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया।

पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और सुरक्षा देने की भी मांग की गई।

साथ ही आदिवासी जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के लिए सुरक्षा नीति बनाने का आग्रह किया गया।

कई वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

प्रतिनिधिमंडल में डॉ. विक्रांत भूरिया, रामू टेकाम और बाला बच्चन भी शामिल रहे।

इसके अलावा कई विधायक और आदिवासी कांग्रेस के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।