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उमरिया जिले के पाली स्थित राजकीय कन्या शिक्षा परिसर के छात्रवृत्ति घोटाले में विभागीय जांच पूरी होने के बाद प्राचार्य पर कार्रवाई की तैयारी है। हैरानी की बात यह है कि जांच लंबित रहने के दौरान ही उन्हें पदोन्नति का लाभ भी दे दिया गया। अब जांच रिपोर्ट मुख्यालय पहुंचने के बाद पूरे मामले में विभागीय फैसले का इंतजार है।
जांच रिपोर्ट मुख्यालय पहुंची, कार्रवाई का इंतजार
सूत्रों के अनुसार, शहडोल संभाग के उपायुक्त जे.पी. यादव ने जांच रिपोर्ट विभागीय मुख्यालय भेज दी है। रिपोर्ट में प्रभारी प्राचार्य सरिता जैन पर लगे आरोप प्रथमदृष्टया सही पाए गए हैं। अब अंतिम निर्णय विभागीय मुख्यालय को लेना है।
विभाग के अपर संचालक सुधीर कुमार जैन ने रिपोर्ट मिलने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रकरण को नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए अग्रेषित कर दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस मामले को जनप्रचार ने प्रमुखता से उजागर किया था। इसके बाद विभागीय आयुक्त तरुण राठी के संज्ञान में मामला आने पर प्रशासन सक्रिय हुआ।
मैदानी अफसरों ने छिपाई बात,जांच के बीच ही मिल गई पदोन्नति

मामले का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि विभागीय जांच जारी रहने के दौरान ही प्राचार्य सरिता जैन को पदोन्नति का लाभ दे दिया गया। 12 जुलाई को जारी पदोन्नति सूची में उन्हें सातवें वेतनमान का लाभ प्रदान किया गया।
सूत्रों का कहना है कि सामान्यतः किसी लोकसेवक के खिलाफ विभागीय जांच लंबित होने पर पदोन्नति जैसे लाभ रोक दिए जाते हैं। ऐसे में जांच के बीच पदोन्नति मिलने से विभागीय प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सूत्रों का दावा है,कि आरोपी प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ लंबित जांच की जानकारी समय रहते संभागीय उपायुक्त एवं जिला कार्यालय की ओर से विभाग मुख्यालय को नहीं दी गई,जबकि जांच गत मई में ही संस्थित कर दी गई थी।
