भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना: 102 छात्रों को मिलेंगे ₹1 लाख

मध्यप्रदेश की सीएम मोहन यादव सरकार प्रदेश के स्कूलों और कॉलेजों में नई छात्रवृत्ति योजना शुरू करने जा रही है, जिसका नाम भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना रखा गया है, यह योजना विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बनाई गई है और इसके तहत सरकार कुल 102 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगी

मध्यप्रदेश सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण मेधावी छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत प्रदेश के 102 प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को एक-एक लाख रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी। सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल शैक्षणिक उपलब्धियों तक सीमित न रखकर उनके व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है।

योजना की मुख्य विशेषताएं

इस योजना के अंतर्गत कुल 102 मेधावी विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा। इनमें 51 छात्र-छात्राओं का चयन स्कूलों से और 51 का चयन कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों से किया जाएगा। प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को ₹1 लाख की छात्रवृत्ति दी जाएगी।

योजना की अवधारणा भगवान श्रीकृष्ण की 64 कलाओं और 14 विद्याओं से प्रेरित है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, कला, संगीत, साहित्य और जीवन मूल्यों से जोड़ना है।

क्या है योजना का उद्देश्य?

सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसलिए इस योजना में विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ रचनात्मकता, सांस्कृतिक समझ और व्यावहारिक कौशल पर भी जोर दिया जाएगा।

योजना के माध्यम से प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

इस छात्रवृत्ति का लाभ प्रदेश के उन छात्र-छात्राओं को मिलेगा जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। पात्रता और चयन के विस्तृत मानदंड सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार तय किए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया कौन तय करेगा?

योजना की विस्तृत रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी श्रीकृष्ण पाथेय न्यास को सौंपी गई है, जो संस्कृति विभाग के अंतर्गत कार्य करता है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने न्यास को पात्रता, चयन प्रक्रिया और मूल्यांकन के मानदंड तैयार करने की जिम्मेदारी दी है।

न्यास द्वारा तैयार किए गए दिशा-निर्देशों के आधार पर पात्र विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।