Budhni:दुधई जंगल प्रकरण के बाद वन विभाग में हलचल, दो डिप्टी रेंजर्स बदले गए

बुधनी और रेहटी वन परिक्षेत्र के दो डिप्टी रेंजरों का तबादला किया गया है। दोनों अधिकारियों के कार्यकाल में विभिन्न शिकायतें और विवाद सामने आए थे। विभाग इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा है।

कन्हैया नाथ,नसरुल्लागंज/सीहोर
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वन विभाग में हुए प्रशासनिक फेरबदल के तहत रेहटी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर हरीशचंद्र महेश्वरी (In Photo)का स्थानांतरण सीहोर तथा बुधनी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर सुबोध वर्मा का स्थानांतरण रेहटी कर दिया गया है। दोनों अधिकारियों के कार्यकाल के दौरान विभिन्न मामलों को लेकर शिकायतें और विवाद सामने आते रहे थे।

उल्लेखनीय है कि बुधनी वन क्षेत्र के दुधई जंगल में कथित अवैध कटाई और वन क्षरण के मुद्दे को जनप्रचार ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस संबंध में प्रकाशित खबरों के बाद विभागीय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से लिए जाने की चर्चा रही। हालांकि विभाग ने तबादलों को नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।

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विभागीय सूत्रों के अनुसार, रेहटी में पदस्थ रहते हुए हरीशचंद्र महेश्वरी के खिलाफ वन भूमि पर अवैध उत्खनन, मिट्टी की खुदाई, दूधी प्रजाति की लकड़ियों की कथित अवैध कटाई तथा परिवहन से जुड़े मामलों में शिकायतें की गई थीं। साथ ही फर्जी मनी रसीदों के उपयोग को लेकर भी आरोप लगाए गए थे। इन शिकायतों की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी। हालांकि इन आरोपों की विभागीय पुष्टि या अंतिम जांच रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

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दूसरी ओर, बुधनी वन परिक्षेत्र में पदस्थ डिप्टी रेंजर सुबोध वर्मा के कार्यकाल में भी कुछ मामलों को लेकर सवाल उठे। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि दूधी लकड़ी से संबंधित प्रकरणों में मृत व्यक्तियों के नाम दर्ज वहियों के नवीनीकरण की अनुशंसा की गई थी। जांच के दौरान कुछ वहियों को निरस्त किए जाने की भी जानकारी सामने आई थी।

क्षेत्र में यह चर्चा है कि लगातार सामने आती शिकायतों, विवादों और वन प्रबंधन से जुड़े मुद्दों के बीच यह प्रशासनिक बदलाव किया गया है। हालांकि विभागीय स्तर पर इसे सामान्य तबादला प्रक्रिया बताया जा रहा है और अधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांचों के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।