कोर्ट बनाम पुलिस कप्तान : ‘अड़ियल रवैए’ पर न्यायालय सख्त, कहा-कानून सबके लिए बराबर

ग्वालियर।

ग्वालियर में पुलिस और न्यायपालिका के बीच टकराव जैसी स्थिति बन गई है।

बार-बार तलब किए जाने के बावजूद एसपी के कोर्ट में पेश न होने को न्यायालय ने गंभीरता से लिया है।

विशेष सत्र न्यायाधीश विवेक कुमार ने एसपी धर्मवीर सिंह के रवैए पर कड़ी नाराजगी जताई।

न्यायालय ने कहा- “कानून का पालन कराना हमें भी आता है।”

3 बार बुलाने पर भी पेश नहीं

दरअसल, मामला चर्चित बन्हेरी गांव के फर्जी हत्या के प्रयास केस से जुड़ा है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने एसपी को तीन बार बुलाया, लेकिन वे उपस्थित नहीं हुए।

यहां तक कि समन लेने से भी कार्यालय स्तर पर इंकार किया गया। जिसके बाद कोर्ट को व्हाट्सएप के जरिए समन भेजना पड़ा।

जांच पर उठे सवाल, कोर्ट ने जताई सख्ती

कोर्ट ने टिप्पणी की कि बिना एसपी की अनुमति के एफआईआर दर्ज नहीं हो रही। यह व्यवस्था न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत है।

न्यायालय ने इसे “अलग कानून” चलने जैसा बताया और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए।

फर्जी गोलीकांड बना विवाद की जड़

बन्हेरी गांव में फरवरी 2026 में हुए कथित गोलीकांड को पुलिस ने जांच में फर्जी बताया था और फरियादी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

इसी कार्रवाई को चुनौती देते हुए आरोपियों ने कोर्ट में जमानत अर्जी लगाई, जहां पुलिस की प्रक्रिया पर सवाल उठे।

कोर्ट के आदेशों की अनदेखी पर नाराजगी

कोर्ट ने पहले जांच अधिकारी को बुलाया, फिर एसपी को तलब किया। एसपी की जगह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक(ASP) को भेजा गया, जिसे कोर्ट ने लौटा दिया।

तय समय पर एसपी के न पहुंचने पर न्यायालय(Court) ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पहला मामला नहीं है, बल्कि ऐसी कार्यप्रणाली “परंपरा” बनती जा रही है।

27 को पेश होंगे एसपी

लगातार सख्ती के बाद एसपी धर्मवीर सिंह ने संदेश भेजकर गुरुवार दोपहर 12 बजे कोर्ट में उपस्थित होने की बात कही है।

अब इस पेशी पर सबकी नजरें टिकी हैं, क्योंकि मामला केवल एक केस नहीं, बल्कि पुलिस-न्यायपालिका के अधिकारों के संतुलन से जुड़ा बन चुका है।

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