दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 की पाबंदियां लागू, कक्षा 5 तक हाइब्रिड क्लास; इन गाड़ियों पर लगा प्रतिबंध

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने की आशंका के बीच GRAP-3 लागू किया गया है। स्कूलों में हाइब्रिड क्लास, पुराने वाहनों पर रोक और निर्माण गतिविधियों पर पाबंदियां लगाई गई हैं।

नई दिल्ली: दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का तीसरा चरण लागू कर दिया गया है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने 6 नवंबर को एहतियात के तौर पर यह फैसला लिया। इसके तहत निर्माण और तोड़फोड़ की कई गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। वहीं, दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए स्कूलों को हाइब्रिड मोड में पढ़ाई कराने के निर्देश दिए गए हैं।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि शनिवार से हवा की गति कम होने की आशंका है। इससे प्रदूषण का स्तर और बढ़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से GRAP-3 के नियमों का पालन करने और प्रदूषण नियंत्रण में सरकार का सहयोग करने की अपील की है।

दिल्ली का AQI 382, हवा बहुत खराब श्रेणी में

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के 6 नवंबर को शाम 4 बजे जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 382 दर्ज किया गया। यह ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। इस आकलन में 57 मॉनिटरिंग स्टेशनों के आंकड़ों को शामिल किया गया और पीएम 2.5 प्रमुख प्रदूषक के रूप में सामने आया।

आमतौर पर GRAP-3 का संबंध 401 से 450 के बीच के गंभीर AQI स्तर से है। हालांकि, इस बार मौसम के पूर्वानुमान और हवा की गति कम होने की आशंका को देखते हुए CAQM ने इसे एहतियातन पहले ही लागू कर दिया। इसका उद्देश्य प्रदूषण को और गंभीर स्थिति में पहुंचने से रोकना है।

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कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए हाइब्रिड क्लास अनिवार्य

GRAP-3 के तहत दिल्ली और एनसीआर के कुछ प्रमुख जिलों में कक्षा 5 तक के बच्चों की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में कराई जाएगी। इसका मतलब है कि छात्र स्कूल जाकर ऑफलाइन पढ़ाई कर सकेंगे और जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां घर से भी कक्षाओं में शामिल हो सकेंगे।

यह व्यवस्था इन इलाकों के स्कूलों पर लागू होगी:

  • दिल्ली
  • गुरुग्राम
  • फरीदाबाद
  • गाजियाबाद
  • गौतम बुद्ध नगर (नोएडा)

ऑनलाइन कक्षा में शामिल होने का विकल्प विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के पास रहेगा। यह व्यवस्था GRAP-3 की पाबंदियां लागू रहने तक प्रभावी रहेगी। इसका मकसद छोटे बच्चों को प्रदूषित हवा के सीधे संपर्क से बचाना है।

BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल गाड़ियों पर पाबंदी

GRAP-3 के तहत पुराने और ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर भी सख्ती की गई है। दिल्ली के साथ गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल इंजन वाली चार पहिया हल्की मोटर गाड़ियों के संचालन पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा दिल्ली में कुछ अन्य व्यावसायिक वाहनों पर भी पाबंदियां लागू होंगी। इनमें दिल्ली में पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने डीजल मीडियम गुड्स व्हीकल तथा दिल्ली के बाहर पंजीकृत BS-IV और उससे पुराने डीजल लाइट कमर्शियल वाहन शामिल हैं। आवश्यक वस्तुओं और जरूरी सेवाओं से जुड़े वाहनों के लिए निर्धारित छूट लागू हो सकती है।

वाहन चालकों को सलाह है कि यात्रा से पहले अपने वाहन की उत्सर्जन श्रेणी और स्थानीय प्रशासन की ताजा ट्रैफिक एडवाइजरी जरूर जांच लें।

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निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर रोक

GRAP-3 लागू होने के बाद दिल्ली-एनसीआर में धूल पैदा करने वाली निर्माण और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। इसमें खुदाई, मिट्टी का काम, पाइलिंग, ट्रेंचिंग, सड़क निर्माण, इमारतों को गिराना और बड़े स्तर पर मरम्मत जैसे काम शामिल हैं।

इसके अलावा निर्माण स्थलों पर ईंट, रेत, सीमेंट और अन्य धूल पैदा करने वाली सामग्री के खुले परिवहन पर भी सख्ती की जाएगी। हालांकि, रेलवे, मेट्रो, अस्पताल, एयरपोर्ट, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य जरूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े कुछ कार्य निर्धारित शर्तों के तहत जारी रह सकते हैं।

स्टोन क्रशर और खनन गतिविधियां बंद रहेंगी

प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए पूरे एनसीआर में स्टोन क्रशर का संचालन बंद रखने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही खनन और उससे जुड़ी गतिविधियों पर भी रोक रहेगी। स्वीकृत स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल नहीं करने वाले हॉट मिक्स प्लांट पर भी कार्रवाई की जाएगी।

इन उपायों का उद्देश्य निर्माण और औद्योगिक गतिविधियों से हवा में फैलने वाली धूल और प्रदूषक कणों को कम करना है।

सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% स्टाफ का नियम

GRAP-3 के तहत दिल्ली सरकार और एनसीआर के राज्य सरकारों को सरकारी, नगर निगम और निजी कार्यालयों के संचालन को लेकर फैसला करना होगा। इसके तहत दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों को बुलाने और बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम देने का विकल्प शामिल है।

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यह व्यवस्था संबंधित सरकारों के निर्णय के अनुसार लागू होगी। केंद्र सरकार भी अपने कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की अनुमति देने पर अलग से फैसला कर सकती है। इसलिए सभी दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति का नियम अपने आप लागू मानना सही नहीं होगा।

2 नवंबर को लागू हुआ था GRAP-2

दिल्ली में प्रदूषण बढ़ने के बाद CAQM ने 2 नवंबर को GRAP-2 लागू किया था। उस दिन दिल्ली का दैनिक औसत AQI 324 दर्ज किया गया था, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है। इसके बाद 6 नवंबर को प्रदूषण की स्थिति और मौसम के पूर्वानुमान की समीक्षा करते हुए आयोग ने GRAP-3 लागू करने का फैसला लिया।

GRAP के अलग-अलग चरणों के तहत प्रदूषण के स्तर के अनुसार पाबंदियां बढ़ाई जाती हैं। तीसरे चरण में वाहनों, निर्माण गतिविधियों, स्कूलों और कार्यालयों से जुड़े अतिरिक्त उपाय लागू किए जाते हैं।

लोगों से सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील

प्रदूषण को कम करने के लिए प्रशासन ने लोगों से निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करने और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने की अपील की है। छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या साइकिल का इस्तेमाल करने, कार पूलिंग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने जैसे उपाय भी सुझाए गए हैं।

दीपावली से पहले प्रदूषण पर नियंत्रण प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है। ऐसे में GRAP-3 के नियमों का प्रभावी पालन और नागरिकों का सहयोग आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता के लिए अहम होगा।