उज्जैन।
मध्यप्रदेश के उज्जैन में एक होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई चार कर्मचारियों के लिए आखिरी काम साबित हुई।
शनिवार देर रात सफाई के लिए चैंबर में उतरे चार लोगों की संदिग्ध जहरीली गैस और दम घुटने से मौत हो गई।
उन्हें बचाने के लिए अंदर उतरे दो अन्य लोग भी गैस की चपेट में आकर बीमार हो गए।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
देवास रोड के होटल में हुआ हादसा

घटना उज्जैन-देवास रोड स्थित श्री गंगा होटल की है।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार रात करीब 10 से 11 बजे के बीच होटल के वेस्टेज चैंबर की सफाई की जा रही थी।
इस चैंबर में होटल की मिठाई और डेयरी उत्पाद बनाने वाली इकाई से निकलने वाला कचरा, पानी, चाशनी और घी-तेल के अवशेष जमा होते हैं।
बताया गया है कि सफाई के लिए चार लोग चैंबर के अंदर उतरे थे।
इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
आशंका है कि चैंबर में जमा कचरे से निकली जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण वे बेहोश हो गए।
चारों अंदर ही फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
कटर से काटकर निकाले गए शव

हादसे की जानकारी मिलते ही होटल के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की।
सूचना पर पुलिस, एंबुलेंस और बचाव दल मौके पर पहुंचे।
चैंबर की बनावट के कारण राहत कार्य में परेशानी आई।
इसके बाद इलेक्ट्रिक कटर और अन्य उपकरणों की मदद से चैंबर का हिस्सा काटकर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला गया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने चारों को सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की।
इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
बचाव की कोशिश में दो अन्य लोग भी चैंबर के अंदर गए थे।
उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। दोनों को अस्पताल में उपचार दिया गया और बाद में छुट्टी दे दी गई।
मृतकों की हुई पहचान

हादसे में जान गंवाने वाले चारों लोगों की पहचान इस प्रकार बताई गई है:
1. कमलेश तंबोली
2. नितिन वाल्मीकि
3. मनोज मीणा
4. वाहिद
इनमें कुछ मृतक उज्जैन के निवासी थे, जबकि मनोज मीणा राजस्थान के झालावाड़ के रहने वाले बताए गए हैं।
चारों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।
होटल संचालक ने बताई अलग वजह
होटल संचालक के अनुसार, चैंबर की सफाई सामान्यतः मोटर पंप के जरिए की जाती है।
उनका कहना है कि संभवतः अंदर मलबा फंस गया था।
उसे निकालने के दौरान एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह अंदर गिर गया।
उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी चैंबर में चले गए।
हालांकि, प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि जांच में पता लगाया जाएगा कि कर्मचारी सफाई के लिए चैंबर में उतरे थे या दुर्घटनावश उसमें गिरे थे।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
CM ने घोषित की चार-चार लाख की सहायता
उज्जैन में एक निजी होटल में चैंबर की सफाई के दौरान हुई दुर्घटना में चार लोगों के दुखद निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है। शोकाकुल परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।
राज्य शासन की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।
बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान दें एवं शोकाकुल परिजनों को यह गहन दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
ॐ शांति!
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) November 1, 2026
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।
उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए राज्य सरकार की ओर से प्रत्येक परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए।
वहीं, होटल संचालक की ओर से भी प्रत्येक मृतक के परिवार को 30-30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की जानकारी सामने आई है।
इस बीच मृतकों के परिजनों और समाज के लोगों ने उचित मुआवजे तथा न्याय की मांग उठाई है।
आखिर चैंबर में कैसे बन जाती है जहरीली गैस?
विशेषज्ञों के अनुसार, सीवेज टैंक और वेस्टेज चैंबर जैसी बंद जगहों में जैविक कचरे के सड़ने से हाइड्रोजन सल्फाइड और मीथेन जैसी गैसें बन सकती हैं।
इन जगहों पर ऑक्सीजन का स्तर भी खतरनाक रूप से कम हो सकता है।
ऐसी जगहों पर बिना गैस जांच, पर्याप्त वेंटिलेशन और सुरक्षा उपकरणों के उतरना जानलेवा हो सकता है।
एक व्यक्ति के बेहोश होने पर उसे बचाने के लिए दूसरा व्यक्ति भी बिना सुरक्षा अंदर उतरता है और
कई बार वह भी हादसे का शिकार हो जाता है।
सुरक्षा नियमों के मुताबिक, ऐसे चैंबर में उतरने से पहले गैस की जांच, ऑक्सीजन की उपलब्धता,
सुरक्षा बेल्ट, रस्सी और प्रशिक्षित बचाव दल की व्यवस्था जरूरी है।
होटल और सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
उज्जैन की इस घटना ने होटल, रेस्टोरेंट और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में वेस्टेज चैंबर की सफाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
आखिर कर्मचारियों को किन परिस्थितियों में चैंबर में उतरना पड़ा? क्या गैस की जांच की गई थी?
क्या उनके पास सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे?
इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।
चार लोगों की मौत का यह हादसा केवल एक होटल तक सीमित मामला नहीं है।
यह बंद चैंबरों और सीवेज टैंकों की सफाई में सुरक्षा मानकों का पालन कराने की जरूरत को भी रेखांकित करता है।
Keywords:
-
उज्जैन होटल हादसा (Ujjain Hotel Accident)
-
उज्जैन में चार की मौत (Four Deaths in Ujjain)
-
होटल चैंबर हादसा (Hotel Chamber Accident)
-
वेस्टेज चैंबर में मौत (Waste Chamber Deaths)
-
उज्जैन हादसे में मृतकों की पहचान (Ujjain Accident Victims Identified)
-
जहरीली गैस से मौत (Toxic Gas Death)
-
मध्यप्रदेश हादसा (Madhya Pradesh Accident)
-
उज्जैन न्यूज (Ujjain News)