भोपाल।
मध्यप्रदेश की धरती पर अब सेना के शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन होगा।
राजधानी भोपाल में 15 जनवरी 2027 को होने वाले सेना दिवस समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
इसकी शुरुआत एक अनूठे संकल्प के साथ हुई।
प्रदेश के सभी 55 जिलों की मिट्टी एक पौधे में मिलाकर संकल्प वृक्ष लगाया गया।
मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल के शौर्य स्मारक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और
सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने पौधरोपण किया।
इस आयोजन में एनसीसी कैडेट्स की भी अहम भूमिका रही।
कैडेट्स अपने-अपने जिलों से मिट्टी लेकर कलशों में भोपाल पहुंचे थे।
यह संकल्प वृक्ष प्रदेश की एकता, अखंडता और सामूहिक संकल्प का प्रतीक बना।
वहीं, सेना दिवस के आयोजन ने राजधानी में सैन्य गतिविधियों को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।
भोपाल में पहली बार दिखेगा सेना का पराक्रम

15 जनवरी 2027 को भोपाल में 79वां सेना दिवस मनाया जाएगा।
इस अवसर पर सेना की भव्य परेड आयोजित होगी।
इसमें भारतीय सेना की आधुनिक ताकत और युद्ध कौशल की झलक देखने को मिलेगी।
आयोजन में टैंकों की गर्जना, आधुनिक सैन्य तकनीक और कॉम्बैट ड्रिल्स आकर्षण का केंद्र रहेंगी।
लड़ाकू विमानों की गर्जना से लेकर जमीन पर सैन्य वाहनों की ताकत तक का प्रदर्शन किया जाएगा।
सेना की ओर से दिखाई गई लघु फिल्म में इन आयोजनों की झलक प्रस्तुत की गई।
इससे साफ है कि भोपाल का सेना दिवस समारोह सैन्य क्षमता और अनुशासन का बड़ा प्रदर्शन होगा।
55 जिलों की मिट्टी ने जोड़ा पूरा मध्यप्रदेश

(मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक परिसर में “संकल्प वृक्ष “ पौध-रोपण अभियान अंतर्गत पौधा लगाया।)
संकल्प वृक्ष इस आयोजन का खास आकर्षण रहा।
इसके लिए प्रदेश के सभी 55 जिलों से मिट्टी एकत्र की गई।
एनसीसी कैडेट्स ने अपने जिलों से मिट्टी जुटाई।
इसके बाद इसे कलशों में भरकर भोपाल लाया गया।
मुख्यमंत्री और सेना के वरिष्ठ अधिकारी ने इसी मिट्टी को पौधे में मिलाकर संकल्प वृक्ष लगाया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सेना और एनसीसी की यह पहल अनूठी है।
यह प्रदेश की एकता और अखंडता का संदेश देती है।
उन्होंने इस प्रयास के लिए सेना और एनसीसी को बधाई दी।
सेना के शौर्य से शुरू होगा युवा वर्ष 2027

(मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के शौर्य स्मारक परिसर में “संकल्प वृक्ष “ पौध-रोपण अभियान अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित किया।)
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 1 नवंबर से 15 जनवरी तक सेना दिवस से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित होंगी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।
वहीं, वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।
युवा वर्ष की शुरुआत सेना के शौर्य और पराक्रम से होना प्रदेश के लिए गौरव की बात है।
इससे युवाओं को अनुशासन, साहस और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्थापना दिवस पर प्रदेश के सभी जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
किसान कल्याण वर्ष के दौरान हुई प्रतियोगिताओं के पुरस्कार भी वितरित किए जाएंगे।
सेना दिवस आयोजन में सरकार देगी पूरा सहयोग
सुदर्शन चक्र कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल अरविंद चौहान ने कहा कि
मध्यप्रदेश सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
सेना दिवस परेड और इससे जुड़े कार्यक्रमों के सफल आयोजन के लिए राज्य सरकार और प्रशासन पूरा सहयोग कर रहे हैं।
उन्होंने 55 जिलों की मिट्टी एकत्र करने और संकल्प वृक्ष लगाने की पहल को विशेष बताया।
क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?

भारत में हर साल 15 जनवरी को सेना दिवस मनाया जाता है।
इसी दिन वर्ष 1949 में फील्ड मार्शल केएम करियप्पा ने भारतीय सेना की कमान संभाली थी।
वे स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ बने थे।
उनकी स्मृति और भारतीय सेना के योगदान के सम्मान में हर साल सेना दिवस मनाया जाता है।
भोपाल के लिए यह आयोजन ऐतिहासिक महत्व रखता है।
एक ओर 55 जिलों की मिट्टी ने एकता का संदेश दिया है, तो
दूसरी ओर सेना का शौर्य प्रदेश के युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करेगा।
Keywords:
सेना दिवस 2027, भोपाल सेना दिवस, मध्यप्रदेश स्थापना दिवस, संकल्प वृक्ष,
मोहन यादव, सुदर्शन चक्र कोर, भारतीय सेना, एनसीसी कैडेट्स।