भोपाल/नागपुर।
मध्य प्रदेश कैडर के पूर्व IAS अधिकारी रमेश थेटे को पुलिस ने नागपुर से गिरफ्तार किया है।
भोपाल की अदालत से जारी गिरफ्तारी वारंट पर मध्य प्रदेश पुलिस और नागपुर की बेलतरोड़ी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस उन्हें भोपाल ले आई है।
अब उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।
मनीषनगर में रह रहे थे पूर्व IAS
जानकारी के मुताबिक, रमेश थेटे नागपुर के मनीषनगर इलाके में रह रहे थे।
भोपाल की एक अदालत में उनके खिलाफ मामला विचाराधीन है।
अदालत में लगातार पेश नहीं होने के कारण उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
मध्य प्रदेश पुलिस को उनके नागपुर में होने की सूचना मिली।
इसके बाद भोपाल पुलिस ने नागपुर पुलिस से संपर्क किया।
दोनों राज्यों की पुलिस ने मिलकर गिरफ्तारी की योजना बनाई।
धोखाधड़ी और चेक बाउंस का मामला
पूर्व IAS अधिकारी के खिलाफ धोखाधड़ी और चेक बाउंस से जुड़ा मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
अदालत में उनकी अनुपस्थिति के बाद गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था।
इसी वारंट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।
हालांकि, मामले के विस्तृत तथ्यों और आरोपों पर अदालत में सुनवाई के दौरान स्थिति स्पष्ट होगी।
आरोपों के आधार पर किसी को दोषी नहीं माना जा सकता, जब तक अदालत में अपराध साबित न हो जाए।
भोपाल में कोर्ट में होंगे पेश
नागपुर में गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम रमेश थेटे को लेकर भोपाल रवाना हुई।
अब उन्हें संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा।
आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।
पूर्व IAS अधिकारी की गिरफ्तारी से मध्य प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
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