उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण कर कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा दिया है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को उत्तर कोरिया ने अपने पूर्वी तटीय शहर वॉनसान के पास से समुद्र की दिशा में करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार, ये मिसाइलें लगभग 250 किलोमीटर तक गईं। घटना के बाद दक्षिण कोरिया ने निगरानी बढ़ा दी है और अमेरिका तथा जापान के साथ सुरक्षा संबंधी सूचनाएं साझा की जा रही हैं।
वॉनसान से दागी गईं मिसाइलें
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) के मुताबिक, मिसाइलों का प्रक्षेपण स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 12:30 बजे हुआ। मिसाइलों की तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण किया जा रहा है। सेना अतिरिक्त मिसाइल परीक्षणों की आशंका को देखते हुए सतर्कता बनाए हुए है।
जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी संभावित बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण की जानकारी दी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर समुद्र में गिरीं।
दक्षिण कोरिया ने बढ़ाई निगरानी
मिसाइल प्रक्षेपण के बाद दक्षिण कोरिया ने अपनी निगरानी और सैन्य तैयारियों को मजबूत किया है। दक्षिण कोरिया, अमेरिका और जापान इस घटनाक्रम से जुड़ी जानकारी साझा कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया ने उत्तर कोरिया के मिसाइल परीक्षणों को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से गंभीरता से लिया है।
यह प्रक्षेपण 12 अक्टूबर के बाद उत्तर कोरिया का पहला बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण बताया गया है। उस समय उत्तर कोरिया ने कई मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से कुछ के 900 किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने की खबर थी।
उत्तर और दक्षिण कोरिया के बीच क्यों बढ़ रहा है तनाव?
दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव हाल के दिनों में सीमा विवाद को लेकर बढ़ा है। सितंबर में सैन्य सीमा के पास बारूदी सुरंगों के विस्फोट में दक्षिण कोरिया के तीन सैनिक घायल हो गए थे। दक्षिण कोरिया ने इस मामले में उत्तर कोरिया पर जिम्मेदारी डाली, जबकि प्योंगयांग ने आरोपों से इनकार किया है।
इसके बाद उत्तर कोरिया की ओर से सीमा पर प्रचार प्रसारण दोबारा शुरू करने और सैन्य गतिविधियां बढ़ाने की चेतावनी भी दी गई। दक्षिण कोरिया ने संभावित टकराव रोकने और सीमा की स्थिति स्पष्ट करने के लिए सैन्य वार्ता का प्रस्ताव रखा था, लेकिन उत्तर कोरिया की ओर से सकारात्मक जवाब नहीं मिला है।
आगे क्या हो सकता है?
दक्षिण कोरिया की सेना ने कहा है कि वह किसी भी संभावित अतिरिक्त मिसाइल प्रक्षेपण पर नजर रखे हुए है। अमेरिका और जापान के साथ समन्वय भी जारी है। हालांकि, ताजा परीक्षण के पीछे उत्तर कोरिया का सटीक उद्देश्य अभी स्पष्ट नहीं है।
लगातार मिसाइल परीक्षण और सीमा पर बढ़ती सैन्य गतिविधियां क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकती हैं। आने वाले दिनों में उत्तर कोरिया की अगली सैन्य गतिविधियों और दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाओं पर नजर रहेगी।