गंडक का कहर: सारण में तटबंध टूटा, गांवों की ओर बढ़ा पानी; कई इलाकों में बाढ़ का खतरा

सारण में गंडक नदी का तटबंध टूटने से निचले इलाकों में पानी फैलने लगा। गोपालगंज में भी बांध टूटा है। नेपाल में भारी बारिश के बाद नदी का जलस्तर बढ़ा है।

छपरा/सारण।

बिहार में गंडक नदी का उफान अब निचले इलाकों के लिए बड़ा खतरा बन गया है।

बुधवार को सारण जिले के मकेर प्रखंड में गंडक का तटबंध टूट गया।

पानी तेजी से आसपास के निचले इलाकों की ओर फैलने लगा।

प्रशासन ने बचाव और राहत कार्य तेज कर दिए हैं।

मकेर में टूटा तटबंध

मकेर के हैजलपुर गांव के पास गंडक नदी के दायां सारण तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ।

जल संसाधन विभाग के मुताबिक, मंगलवार रात से बुधवार सुबह के बीच करीब 8 मीटर हिस्सा धंस गया।

इसके बाद पानी फैलने लगा।

स्थानीय रिपोर्टों में कटाव की लंबाई करीब 10 से 50 फीट तक बताई गई है।

इसलिए शुरुआती रिपोर्टों में आंकड़े अलग-अलग हैं और मौके की स्थिति बदल रही है।

हैजलपुर समेत इन गांवों पर नजर

तटबंध टूटने के बाद हैजलपुर, परमानंद छपरा और नौकराहा के निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ गया है।

प्रशासन को इन क्षेत्रों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने की भी आशंका है।

मकेर के अलावा तरैया और पानापुर के निचले इलाकों में भी गंडक का पानी परेशानी बढ़ा रहा है।

तरैया के भटगाई इलाके में कई जगह पानी 7 से 8 फीट तक पहुंचने की रिपोर्ट है।

SDRF ने घरों में फंसे लोगों को मोटरबोट से निकालना शुरू किया है।

गोपालगंज में भी बांध टूटा

सिर्फ सारण ही नहीं, गोपालगंज के बैकुंठपुर में भी गंडक के दबाव से जमींदारी बांध टूट गया।

शीतलपुर गांव के पास बांध का करीब 6 मीटर हिस्सा टूटने की जानकारी जल संसाधन विभाग ने दी है।

इसके बाद पर्सौनी, शीतलपुर और पखान के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका है।

नेपाल की बारिश से बढ़ा गंडक का जलस्तर

गंडक में अचानक बढ़े पानी की बड़ी वजह नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी बारिश बताई जा रही है।

वाल्मीकिनगर बैराज से पानी का बहाव बेहद अधिक रहा।

मंगलवार को यहां अधिकतम डिस्चार्ज करीब 5.43 लाख क्यूसेक दर्ज किया गया था।

कई घंटों तक डिस्चार्ज 4 लाख क्यूसेक से ऊपर बना रहा।

इस भारी प्रवाह ने गंडक के तटबंधों पर जबरदस्त दबाव बनाया।

कई जगह रिसाव और पाइपिंग की समस्या भी सामने आई।

बगहा में नदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

गंडक का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। बगहा में नदी का जलस्तर 91.25 मीटर तक पहुंचा।

यह 2024 के 90.90 मीटर के पिछले उच्चतम बाढ़ स्तर से करीब 35 सेंटीमीटर ज्यादा है।

इससे पश्चिमी चंपारण से लेकर गोपालगंज और सारण तक निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।

24 घंटे चल रहा बचाव और मरम्मत अभियान

जल संसाधन विभाग की टीमें तटबंधों की लगातार निगरानी कर रही हैं।

कई जगह रिसाव को रोकने के लिए आपातकालीन मरम्मत की जा रही है।

विभाग के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की समस्या सामने आई थी।

इन्हें नियंत्रित करने के लिए इंजीनियर और कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं।

सारण में डीएम और एसएसपी ने प्रभावित इलाके का निरीक्षण कर अधिकारियों को बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं।

SDRF ने संभाला मोर्चा

सारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों में SDRF की टीमें पहुंच गई हैं।

भटगाई में घरों में फंसे लोगों को मोटरबोट के जरिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

प्रशासन ने जरूरत के अनुसार राहत और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था भी शुरू की है।

गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर

स्थिति इसलिए भी गंभीर है क्योंकि गंगा नदी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

इससे गंडक के पानी की निकासी पर दबाव बढ़ने की आशंका है।

जल संसाधन विभाग ने तटबंधों पर निगरानी बढ़ाई है।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

अभी स्थिति का सार
🌊 सारण के मकेर में गंडक तटबंध टूटा।
📍 हैजलपुर के आसपास पानी फैलने का खतरा।
🚨 गोपालगंज के बैकुंठपुर में भी बांध टूटा।
🇳🇵 नेपाल की भारी बारिश से गंडक में तेज उफान।
📈 बगहा में नदी ने नया उच्चतम बाढ़ स्तर दर्ज किया।
🚤 SDRF ने प्रभावित लोगों को निकालना शुरू किया।
🛠️ तटबंधों की मरम्मत और निगरानी लगातार जारी है।

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