नई दिल्ली: एशियन गेम्स 2026 में भारत के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है।
महिला कंपाउंड टीम के गोल्ड मेडल जीतने के बाद अब कंपाउंड मिक्स्ड टीम ने भी देश की झोली में स्वर्ण पदक डाल दिया है।
चिकिता तनीपर्थी और साहिल राजेश जाधव की भारतीय जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में दक्षिण कोरिया को शिकस्त देकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
इस जीत के साथ भारत ने एशियन गेम्स 2026 में तीरंदाजी के कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में अपना दबदबा कायम किया है।
खास बात यह है कि चिकिता तनीपर्थी के लिए यह दिन बेहद खास रहा,
क्योंकि वह एक ही दिन दो गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय तीरंदाजों में शामिल हो गईं।
इससे पहले वह महिला कंपाउंड टीम के साथ भी स्वर्ण पदक जीत चुकी थीं।
फाइनल में दक्षिण कोरिया को दी कड़ी टक्कर
चिकिता तनीपर्थी और साहिल जाधव की जोड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया।
दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद करीबी रहा और निर्धारित चार एंड के बाद स्कोर 157-157 से बराबर रहा।
इसके बाद मुकाबले का फैसला शूट-ऑफ से हुआ,
जहां भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच बेहतर निशाना लगाकर गोल्ड अपने नाम किया।
भारतीय तीरंदाजों की सटीकता और दबाव में संयम इस मुकाबले में निर्णायक रहा।
गोल्ड जीतते ही भारतीय दल में जश्न का माहौल बन गया।
पहले सेमीफाइनल में भी दिखाया था दम
फाइनल तक पहुंचने से पहले भारतीय जोड़ी ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की पीरावत रतनपोंगकियाट और कनोकनापुस काउचोम्फू की जोड़ी का सामना किया था।
भारतीय टीम ने यह मुकाबला 156-155 के बेहद करीबी अंतर से जीतकर फाइनल में जगह बनाई थी।
सेमीफाइनल में शुरुआत से ही चिकिता और साहिल ने सटीक निशाने लगाए। पहले एंड के बाद भारत 39-37 से आगे था।
दूसरे एंड के बाद बढ़त 77-75 रही और तीसरे एंड के बाद भारतीय जोड़ी 117-115 से आगे थी।
आखिरी एंड में थाईलैंड ने वापसी की कोशिश की,
लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने दबाव को संभालते हुए 156-155 से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
चिकिता तनीपर्थी का गोल्डन दिन
चिकिता तनीपर्थी के लिए एशियन गेम्स 2026 का 30 सितंबर का दिन यादगार बन गया।
उन्होंने पहले महिला कंपाउंड टीम स्पर्धा में ज्योति सुरेखा वेन्नम और पृथिका प्रदीप के साथ गोल्ड जीता।
भारतीय टीम ने फाइनल में चीन को 238-234 से हराया था।
इसके बाद चिकिता ने साहिल जाधव के साथ कंपाउंड मिक्स्ड टीम में भी स्वर्ण पदक जीत लिया।
यानी एक ही दिन भारतीय तीरंदाज ने दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए।
भारत के लिए क्यों खास है यह गोल्ड?
कंपाउंड मिक्स्ड टीम इवेंट में भारत पहले भी मजबूत प्रदर्शन कर चुका है।
भारत ने 2018 एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में सिल्वर और 2014 में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
2026 में गोल्ड जीतकर भारतीय जोड़ी ने इस इवेंट में पदक का रंग बदल दिया।
इस जीत का एक और महत्व है।
एशियन गेम्स में कंपाउंड मिक्स्ड टीम के चैंपियन को
LA 2028 ओलंपिक के लिए कोटा हासिल करने का मौका मिलता है।
इसलिए इस मुकाबले पर भारतीय खेल प्रेमियों की खास नजर थी।
भारत की तीरंदाजी का शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाज लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।
महिला कंपाउंड टीम के गोल्ड के बाद मिक्स्ड टीम का स्वर्ण भारत के लिए तीरंदाजी में एक और बड़ी उपलब्धि बन गया है।
चिकिता तनीपर्थी, साहिल जाधव और भारतीय तीरंदाजी दल के इस प्रदर्शन ने एशियन गेम्स में भारत की पदक उम्मीदों को और मजबूत किया है।
प्रतियोगिता के इस चरण में भारत की नजर अब अन्य खेलों में भी पदकों पर है।
Asian Games 2026 में भारत के लिए तीरंदाजी का यह गोल्डन दिन भारतीय खेल इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।