बदला मौसम का मिजाज, नौ राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट; पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में गिरा पारा

Weather Update 29 September: पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत में मौसम बदला है। नौ से अधिक राज्यों में आंधी-बारिश, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने का अनुमान है।

नई दिल्ली: सितंबर के आखिरी दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल गया है। उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ी राज्यों में बारिश और बर्फबारी का दौर जारी है, जबकि मैदानी इलाकों में भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, मंगलवार 29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदला मौसम

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके असर से पहाड़ों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी देखने को मिल रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र कमजोर पड़ गया है, हालांकि इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण अभी मौजूद है। इसके अलावा उत्तर भारत के निचले स्तरों पर उत्तर-पश्चिमी हवाओं के तेज होने की संभावना है।

अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, बारिश के कारण मैदानी क्षेत्रों में तापमान में करीब 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे कई इलाकों में सितंबर के अंत में ही हल्की ठंडक महसूस होने लगी है।

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आज इन राज्यों में आंधी-बारिश के आसार

29 सितंबर को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बारिश तथा गरज-चमक की संभावना है। उत्तराखंड में 29 सितंबर से 4 अक्टूबर के बीच कुछ स्थानों पर बारिश, आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। दिल्ली, पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छिटपुट स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात हो सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 29 और 30 सितंबर को बारिश के साथ तेज हवा और बिजली गिरने की संभावना बनी हुई है।

पहाड़ों पर बर्फबारी, कई सड़कें बंद

हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में लगातार बर्फबारी हुई है। किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के ऊंचे क्षेत्रों में बर्फबारी के साथ शिमला और धर्मशाला समेत कई जगह बारिश हुई। प्रदेश में अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री तक की गिरावट दर्ज होने से ठंडक बढ़ गई है। बारिश और बर्फबारी के चलते कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं।

उत्तराखंड की व्यास घाटी में भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी बर्फबारी की खबर है। आदि कैलाश और आसपास के इलाकों में बर्फ की मोटी परत जमने से कुछ यात्रा मार्ग प्रभावित हुए हैं। दूसरी ओर, केदारनाथ मार्ग पर भूस्खलन के कारण यात्रा प्रभावित हुई और मलबे के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु रास्ते में फंस गए थे।

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बिहार में नदियां उफान पर

नेपाल और सीमावर्ती क्षेत्रों में हुई बारिश का असर बिहार में भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट के अनुसार गंडक, कोसी और बागमती जैसी नदियां कुछ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। सुपौल और पश्चिम चंपारण में बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं।

बुधवार से मिल सकती है राहत

IMD के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के अगले करीब 36 घंटे में आगे बढ़ने के बाद उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में उत्तर-पश्चिमी हवाएं मजबूत हो सकती हैं। इससे बारिश की गतिविधियों में कमी आने और मौसम के धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में उमस बढ़ सकती है।

दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर के कुछ हिस्सों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। IMD के पूर्वानुमान में हिमाचल प्रदेश, पूर्वोत्तर भारत, तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना बताई गई है।

मौसम का सार

  • उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ का असर
  • नौ से अधिक राज्यों में आंधी-बारिश की संभावना
  • उत्तराखंड में 4 अक्टूबर तक बारिश और गरज-चमक का दौर संभव
  • पूर्वी यूपी में 29-30 सितंबर को बारिश और तेज हवाओं का अनुमान
  • हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी
  • बिहार की कई नदियां उफान पर
  • अगले 36 घंटे बाद उत्तर भारत में मौसम साफ होने की संभावना