Ganesh Chaturthi 2026: देशभर में धूमधाम से मनाई जा रही गणेश चतुर्थी, मंदिरों और पंडालों में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

गणेश चतुर्थी 2026 पर देशभर में उत्साह का माहौल है। मुंबई, जयपुर, नागपुर, बेंगलुरु और तमिलनाडु के प्रमुख गणेश मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

नई दिल्ली: देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व सोमवार को धार्मिक श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर राजस्थान, कर्नाटक और तमिलनाडु तक मंदिरों और पूजा पंडालों में भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु गणपति के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर मंगल आरती, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मुंबई में लालबागचा राजा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की सबसे खास रौनक देखने को मिल रही है। मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा पंडाल में गणपति के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से पूरा माहौल भक्तिमय नजर आ रहा है।

मुंबई में गणेश चतुर्थी का उत्सव बड़े स्तर पर मनाया जाता है और करीब 10 दिनों तक शहर में गणपति उत्सव की धूम रहती है। अलग-अलग इलाकों में भव्य पंडाल और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।

नागपुर में टेकड़ी गणेश मंदिर में मंगल आरती

नागपुर के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर टेकड़ी में भी गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष मंगल आरती का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। भक्तों ने भगवान गणेश की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

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जयपुर के मोती डूंगरी मंदिर में भक्तों की लंबी कतार

राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं। मंदिर में सुबह 5 बजे मंगल आरती के साथ दर्शन शुरू हुए। भक्तों के लिए देर रात तक दर्शन की व्यवस्था की गई है।

गणेश चतुर्थी के मौके पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

तमिलनाडु के करपगा विनायकर मंदिर में उमड़ा जनसैलाब

दक्षिण भारत में भी गणेश चतुर्थी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के पिल्लैयारपट्टी स्थित ऐतिहासिक करपगा विनायकर मंदिर में सुबह से ही हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे।

मंदिर में गणेश चतुर्थी के अवसर पर विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं।

बेंगलुरु में गणेशोत्सव की धूम

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में भी गणेश चतुर्थी का पर्व उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। बसवनगुड़ी स्थित श्री डोड्डा गणपति मंदिर में गौरी-गणेश और गणेश चतुर्थी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने भगवान गणेश का आशीर्वाद लिया।

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कोलकाता में थीम आधारित गणेश पूजा बनी आकर्षण

पश्चिम बंगाल में गणेश चतुर्थी के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक और समसामयिक मुद्दों की झलक भी देखने को मिल रही है। कोलकाता के बागुईआटी इलाके में एक पूजा पंडाल को ‘परिवर्तन – विकसित बंगाल की ओर, डबल इंजन सरकार के साथ’ थीम पर तैयार किया गया है।

पंडाल में आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के भवन की प्रतिकृति के साथ प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों के मॉडल लगाए गए हैं। इन मॉडलों के हाथों में ‘हमें न्याय चाहिए’ लिखी तख्तियां दिखाई गई हैं। इसके अलावा आधुनिक बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और भविष्य के बंगाल को दर्शाने वाली झांकियां भी तैयार की गई हैं।

दिलीप घोष ने गणेश उत्सव को बताया सांस्कृतिक जागरण का संकेत

पश्चिम बंगाल में आयोजित गणेश पूजा के विभिन्न कार्यक्रमों में वरिष्ठ भाजपा नेता दिलीप घोष भी शामिल हुए। उत्तर 24 परगना जिले के पानीहाटी में गणेश पूजा का उद्घाटन करते हुए उन्होंने राज्य में गणेश उत्सव के व्यापक आयोजन को सांस्कृतिक जागरण का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि बंगाल में बदलाव दिखाई दे रहा है और इस बार उत्सवों की शुरुआत गणेश उत्सव से हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बंगाल ‘न्यू बंगाल’ के रूप में आगे बढ़ेगा और राज्य में समृद्धि आएगी।

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आस्था और संस्कृति का पर्व है गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी के अवसर पर देशभर में मंदिरों और पूजा पंडालों में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ इस पर्व की धार्मिक और सांस्कृतिक महत्ता को दर्शाती है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और मंगलकारी देवता माना जाता है।

श्रद्धालु गणपति की पूजा कर जीवन से बाधाएं दूर होने, सुख-समृद्धि आने और सफलता प्राप्त होने की कामना करते हैं। महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं।