भोपाल।
राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है।
आरोप है कि विश्वविद्यालय के प्यून नसीम खान ने 15 लोगों से करीब 18 लाख रुपए लिए।
इसके बाद नौकरी नहीं लगवाई।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की रकम का इस्तेमाल आरोपी ने अपने कैंसर के इलाज में किया।
फर्जी नोटिस दिखाकर लिया भरोसे में
पुलिस के अनुसार, नसीम ने RGPV में क्लर्क की भर्ती निकलने की बात कही थी।
साथ ही, उसने नौकरी से जुड़ा कथित फर्जी नोटिस भी दिखाया।
इससे लोगों को भरोसा हुआ।
फिर एक व्यक्ति के जरिए उसकी पहचान कई लोगों से हुई।
इसके बाद 15 लोगों ने अलग-अलग रकम दी।
कुल रकम करीब 18 लाख रुपए बताई जा रही है।
कैंसर हुआ तो खुला रकम का राज
इसी बीच नसीम कैंसर की चपेट में आ गया।
वह फिलहाल मुंह के कैंसर की चौथी स्टेज से पीड़ित बताया गया है।
उसका कीमोथैरेपी से इलाज चल रहा है।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नसीम ने कथित तौर पर बताया कि नौकरी के नाम पर ली गई रकम इलाज में खर्च हो गई।
हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
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गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
गांधीनगर पुलिस ने नसीम के खिलाफ केस दर्ज किया है।
पुलिस ने उसके बयान भी लिए हैं।
फिलहाल इलाज को देखते हुए उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
अब पुलिस रकम के लेन-देन, फर्जी दस्तावेज और संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है।
साथ ही, यह भी जांचा जा रहा है कि नौकरी दिलाने के नाम पर कहीं और लोगों से तो रकम नहीं ली गई।