चुनावी फंड में BJP की बड़ी बढ़त, कांग्रेस से 7 गुना ज्यादा चंदा; असम में खर्च का दिखा असर

पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से करीब सात गुना ज्यादा चंदा मिला। भाजपा को ₹1,472.8 करोड़ और कांग्रेस को ₹207.17 करोड़ मिले। असम में भाजपा ने ₹96.27 करोड़ खर्च किए।

नई दिल्ली।

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के चुनावी फंड में बड़ा अंतर सामने आया है।

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से 4 मई के चुनावी दौर में भाजपा को ₹1,472.8 करोड़ का चंदा मिला।

वहीं, कांग्रेस को ₹207.17 करोड़ मिले।

यानी भाजपा को कांग्रेस के मुकाबले करीब 7 गुना ज्यादा चंदा मिला।

BJP का फंड ₹904.6 करोड़ बढ़ा

चुनावी अवधि की शुरुआत में भाजपा के पास करीब ₹6,722.6 करोड़ थे।

6 मई तक यह रकम बढ़कर ₹7,627.2 करोड़ हो गई।

इस तरह पार्टी के फंड में करीब ₹904.6 करोड़ का इजाफा हुआ।

दूसरी ओर, कांग्रेस के फंड में कमी दर्ज हुई।

15 मार्च को पार्टी के पास करीब ₹169.06 करोड़ थे। इसमें ₹22.9 करोड़ नकद और ₹146.1 करोड़ बैंक खातों में थे।

6 मई तक यह रकम घटकर करीब ₹103.2 करोड़ रह गई।

असम में BJP ने लगाया सबसे बड़ा दांव

भाजपा ने पांच राज्यों में असम में सबसे ज्यादा खर्च किया।

पार्टी ने यहां करीब ₹96.27 करोड़ खर्च किए। इसमें ₹76.73 करोड़ सामान्य प्रचार पर

और ₹19.54 करोड़ उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर लगाए गए।

इसका चुनावी नतीजों में भी असर दिखा।

भाजपा ने असम में 82 सीटें जीतीं।

2021 के मुकाबले पार्टी की सीटों में 22 का इजाफा हुआ।

तमिलनाडु में प्रचार पर 52Cr. खर्च, सीट सिर्फ 1

तमिलनाडु में भाजपा ने करीब ₹51.56 करोड़ खर्च किए।

इसमें ₹44.51 करोड़ सामान्य प्रचार और ₹7.05 करोड़ उम्मीदवारों से जुड़े खर्च में गए।

मीडिया विज्ञापन पर करीब ₹23.96 करोड़ खर्च हुए।

स्टार प्रचारकों की यात्रा पर करीब ₹10.04 करोड़

और प्रचार सामग्री पर करीब ₹5.85 करोड़ खर्च किए गए।

लेकिन नतीजा उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा।

भाजपा को तमिलनाडु में सिर्फ एक सीट मिली।

पुडुचेरी में ₹11.90 करोड़ खर्च

पुडुचेरी में भाजपा का कुल चुनावी खर्च करीब ₹11.90 करोड़ रहा।

इसमें ₹9.19 करोड़ सामान्य प्रचार और ₹2.71 करोड़ उम्मीदवारों से जुड़े खर्च में लगाए गए।

असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भाजपा का कुल खर्च करीब ₹159.7 करोड़ रहा।

कांग्रेस ने प्रचार में ₹143 करोड़ लगाए

कांग्रेस ने पांचों राज्यों में सामान्य पार्टी प्रचार पर करीब ₹143 करोड़ खर्च किए।

उम्मीदवारों से जुड़े खर्च पर करीब ₹105.55 करोड़ लगाए गए।

इस तरह कुल चुनावी खर्च करीब ₹248.55 करोड़ रहा।

कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने सामान्य प्रचार पर ₹40.52 करोड़ खर्च किए।

वहीं, राज्य और स्थानीय इकाइयों का खर्च करीब ₹102.49 करोड़ रहा।

केरल में कांग्रेस का सबसे ज्यादा प्रचार खर्च

कांग्रेस ने सामान्य प्रचार में सबसे ज्यादा रकम केरल में लगाई।

यहां करीब ₹59.28 करोड़ खर्च किए गए।

इसके बाद असम में सामान्य प्रचार पर करीब ₹22.62 करोड़ खर्च हुए।

तीन राज्यों में NDA की सरकार

इन पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद असम, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में NDA की सरकार बनी।

वहीं, केरल में INDIA गठबंधन और तमिलनाडु में TVK-कांग्रेस की सरकार बनी।

हालांकि, चुनाव आयोग के आंकड़ों में पश्चिम बंगाल और केरल में भाजपा का चुनावी खर्च अभी सामने नहीं आया है।

इसलिए पांचों राज्यों के भाजपा खर्च की पूरी तस्वीर अभी अधूरी है।

2024-25 में BJP की कुल आय

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक,

वित्त वर्ष 2024-25 में भाजपा की कुल आय ₹6,769.15 करोड़ रही थी।

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