फिरोजाबाद।
प्रसिद्ध संत नीब करौली बाबा की जन्मस्थली अब संपत्ति विवाद को लेकर चर्चा में है।
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले के अकबरपुर गांव में बाबा का पैतृक मकान है।
इसी मकान और उससे जुड़े पूजा स्थल को लेकर परिवार और ट्रस्ट आमने-सामने हैं।
बाबा की छह पोतियों ने श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट पर पैतृक संपत्ति पर दखल का आरोप लगाया है।
उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत कर जांच और कथित कब्जा हटाने की मांग की है।
हालांकि, ट्रस्ट ने आरोपों को खारिज किया है।
ट्रस्ट का दावा है कि मकान, मंदिर और डाक बंगला उसे कानूनी तौर पर दिए गए थे।
🏠 आखिर विवाद किस संपत्ति को लेकर है?
विवाद अकबरपुर गांव के मकान नंबर ‘154-व’ से जुड़ा है।
परिवार के मुताबिक, यही नीब करौली बाबा का पैतृक घर था।
यहीं बाबा का ध्यान कक्ष, भोजनालय, अतिथि कक्ष और शयन कक्ष होने की बात कही गई है।
घर के दो कमरों में बाबा और उनकी पत्नी की पूजा स्थली भी बताई जाती है।
परिवार का आरोप है कि इस संपत्ति पर ट्रस्ट का नियंत्रण हो गया है।
👨👩👧 छह पोतियों ने DM से की शिकायत

(गृहस्थ संत बाबा नीम करौरी के दोनों पुत्र,बेटी व पीछे छह पोतियां)
बाबा के छोटे बेटे धर्म नारायण शर्मा की छह बेटियों ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।
शिकायतकर्ताओं में सुनीता शर्मा, अर्चना शर्मा, वंदना शर्मा, भावना रावत, रितु तिवारी और रिचा रावत शामिल हैं।
परिवार ने राजस्व और दूसरे दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति की स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।
साथ ही, अगर जांच में अवैध कब्जा या अनुचित दखल मिलता है तो कार्रवाई की मांग की गई है।
⚖️ ट्रस्ट का क्या कहना है?
दूसरी तरफ, श्री ठाकुर हनुमान जी ट्रस्ट ने परिवार के आरोपों को गलत बताया है।
ट्रस्ट के पदाधिकारियों के मुताबिक, बाबा का घर, मंदिर और डाक बंगला ट्रस्ट को दान में दिया गया था।
ट्रस्ट का कहना है कि वह लंबे समय से इन संपत्तियों की देखरेख कर रहा है।
उसका यह भी दावा है कि संपत्तियों का निजी इस्तेमाल नहीं किया जा रहा।
🔎 अब प्रशासन करेगा पूरे मामले की जांच
विवाद बढ़ने के बाद प्रशासन ने मामले को जांच के लिए आगे बढ़ाया है।
फिरोजाबाद के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है।
कमेटी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और दूसरे कानूनी पहलुओं की जांच करेगी।
इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संपत्ति का वास्तविक अधिकार किसके पास है।
🏛️ परिवार ने दिया प्रशासनिक ट्रस्ट का सुझाव
परिवार ने विवाद के स्थायी समाधान के लिए एक और प्रस्ताव रखा है।
उनकी मांग है कि बाबा की जन्मस्थली से जुड़ी संपत्तियों के प्रबंधन के लिए प्रशासन की निगरानी में ट्रस्ट बनाया जाए।
प्रस्ताव में जिलाधिकारी को पदेन अध्यक्ष बनाने की बात कही गई है।
साथ ही एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारियों को भी व्यवस्था में शामिल करने का सुझाव दिया गया है।
🛕 बाबा की जन्मस्थली क्यों है खास?

नीब करौली बाबा को देश-विदेश में हनुमान भक्त संत के रूप में जाना जाता है।
उनकी जन्मस्थली फिरोजाबाद के अकबरपुर गांव में बताई जाती है।
बाद में उनका नाम नैनीताल के पास स्थित कैंची धाम से भी गहराई से जुड़ा।
यही वजह है कि पैतृक घर और पूजा स्थल से जुड़ा विवाद सिर्फ पारिवारिक संपत्ति का मामला नहीं रह गया है।
यह बाबा की विरासत और जन्मस्थली के संरक्षण से भी जुड़ गया है।
🏗️ कॉरिडोर की तैयारी के बीच बढ़ी अहमियत

खास बात यह है कि बाबा की जन्मभूमि पर पर्यटन से जुड़ी योजनाओं पर भी काम चल रहा है।
ऐसे में पैतृक संपत्ति और उसके प्रबंधन को लेकर उठे सवाल और महत्वपूर्ण हो गए हैं।
सरकार यहां नीब करौली बाबा से जुड़े विकास कार्यों पर भी फोकस कर रही है।
रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 9 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक कन्वेंशन सेंटर बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
❓ अब सबसे बड़ा सवाल
क्या पैतृक मकान वास्तव में ट्रस्ट को दिया गया था?
या परिवार का दावा सही है कि संपत्ति पर ट्रस्ट का अधिकार नहीं है?
इन सवालों का जवाब अब दस्तावेजी जांच से मिलेगा।
फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं।
अंतिम स्थिति प्रशासनिक जांच और उपलब्ध कानूनी दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।
नीब करौली बाबा की जन्मस्थली का यह विवाद अब सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं है।
अब निगाहें जांच कमेटी की रिपोर्ट पर हैं।
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