नई दिल्ली। पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगर की बेटी अनाया बांगर के क्रिकेट करियर को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें महिला कम्युनिटी क्रिकेट में खेलने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में उनकी वापसी का रास्ता खुल गया है। हालांकि, विमेंस बिग बैश लीग (WBBL) जैसी एलीट प्रतियोगिताओं में खेलने के लिए उन्हें निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।
अनाया ने इस फैसले को अपने लिए बेहद भावुक पल बताया है। उन्होंने कहा कि एक समय उन्हें लगा था कि क्रिकेट का सफर खत्म हो गया है, लेकिन अब उन्हें दोबारा मैदान पर लौटने का अवसर मिला है।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने दिया खेलने का मौका
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले के बाद अनाया ऑस्ट्रेलिया में महिला कम्युनिटी क्रिकेट खेल सकती हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक वह प्रीमियर क्रिकेट प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा ले सकती हैं, जबकि एलीट क्रिकेट के लिए अलग पात्रता मानदंड लागू होंगे।
अनाया ने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के फैसले को अपने क्रिकेट करियर के लिए नई शुरुआत बताया है। उनका लक्ष्य अब खुद को दोबारा प्रतिस्पर्धी स्तर के लिए तैयार करना और मैदान पर अपनी जगह बनाना है।
WBBL में खेलने का सपना, लेकिन अभी पूरी नहीं हुई प्रक्रिया
अनाया की नजर अब ऑस्ट्रेलिया की प्रतिष्ठित Women’s Big Bash League पर है। उन्होंने कहा है कि मार्च 2027 से एलीट महिला क्रिकेट के लिए पात्रता का रास्ता खुल सकता है, लेकिन सिर्फ पात्र होने से WBBL टीम में जगह पक्की नहीं होगी। उन्हें प्रदर्शन और चयन प्रक्रिया के जरिए फ्रेंचाइजी का भरोसा जीतना होगा।
WBBL में विदेशी खिलाड़ियों के लिए कॉन्ट्रैक्ट और ड्राफ्ट व्यवस्था होती है। इसलिए अनाया को फिटनेस, बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग में खुद को साबित करते हुए टीम में जगह हासिल करनी होगी।
मार्च 2027 से एलीट क्रिकेट के लिए अहम होगी पात्रता
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की मौजूदा नीति के तहत एलीट क्रिकेट में खेलने के लिए टेस्टोस्टेरोन से जुड़ी पात्रता शर्त लागू होती है। रिपोर्टों के अनुसार, खिलाड़ी का सीरम टेस्टोस्टेरोन निर्धारित सीमा से नीचे रहना जरूरी है और इस संबंध में आवश्यक मेडिकल प्रमाण भी देना होगा।
रिपोर्ट के अनुसार, अनाया के लिए मार्च 2027 महत्वपूर्ण तारीख होगी। उस समय एलीट क्रिकेट में उनकी पात्रता संबंधित मेडिकल मानदंड पूरे करने पर निर्भर करेगी।
मुंबई अंडर-19 क्रिकेट खेल चुकी हैं अनाया
अनाया बांगर का क्रिकेट से पुराना रिश्ता रहा है। वह मुंबई की अंडर-19 क्रिकेट में खेल चुकी हैं और इसी उम्र-समूह के क्रिकेट में उन्होंने भारतीय क्रिकेटरों सरफराज खान और मुशीर खान जैसे खिलाड़ियों के साथ भी क्रिकेट खेला है।
उनके पिता संजय बांगर भारत के पूर्व क्रिकेटर रहे हैं और भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के बल्लेबाजी कोच की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
BCCI से भी मांगी थी पात्रता को लेकर जानकारी
अनाया ने भारत में भी महिला क्रिकेट में खेलने की पात्रता को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से संपर्क किया था। उपलब्ध रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने पिछले साल BCCI को इस संबंध में जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से संपर्क किया।
अब ऑस्ट्रेलिया में उन्हें कम्युनिटी क्रिकेट खेलने की अनुमति मिलना उनके क्रिकेट करियर के लिए अहम कदम माना जा रहा है।
ICC के नियमों से अलग है ऑस्ट्रेलिया का घरेलू रास्ता
एलीट महिला क्रिकेट में ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों की पात्रता को लेकर अलग-अलग क्रिकेट संस्थाओं के नियम हैं। ICC ने 2023 में ऐसी ट्रांसजेंडर खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट में प्रतिबंध की नीति लागू की थी, जो पुरुष यौवन से गुजर चुकी हों। वहीं क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की घरेलू नीति में कम्युनिटी और एलीट क्रिकेट के लिए अलग प्रावधान हैं।
ऐसे में अनाया के लिए ऑस्ट्रेलिया में घरेलू क्रिकेट से शुरुआत कर आगे बढ़ने का रास्ता खुला है।
अब फिटनेस और प्रदर्शन पर रहेगा फोकस
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया से मिली अनुमति के बाद अगली चुनौती अनाया के लिए मैदान पर वापसी और प्रतिस्पर्धी स्तर की तैयारी है। वह खुद भी कह चुकी हैं कि WBBL में जगह हासिल करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण होगा और उन्हें किसी फ्रेंचाइजी को अपने प्रदर्शन से प्रभावित करना होगा।
अगर वह निर्धारित पात्रता मानदंड पूरा करती हैं और घरेलू क्रिकेट में प्रभावी प्रदर्शन करती हैं, तो मार्च 2027 के बाद WBBL में जगह बनाने की उनकी उम्मीद मजबूत हो सकती है।