पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर मामला एक बार फिर चर्चा में है। पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें तत्काल इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल हॉस्पिटल में भर्ती कराने का आदेश दिया है। अदालत ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति की निगरानी के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का भी निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई मंगलवार को तीन सदस्यीय पीठ ने की। यह सुनवाई पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के महासचिव सलमान अकरम राजा और इमरान खान की बहन उज़मा खान की याचिकाओं पर हुई। अदालत ने निर्देश दिया कि मेडिकल बोर्ड में इमरान खान के निजी चिकित्सक डॉ. फैसल और उनकी बहन उज़मा खान को भी शामिल किया जाए। अगली सुनवाई में विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
मेडिकल रिपोर्ट में Anxiety +++ का क्या मतलब?
अदियाला जेल के अधिकारियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में इमरान खान में चिंता और पैनिक के गंभीर लक्षणों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में ‘Anxiety +++’ दर्ज होने की बात सामने आई है।
यह समझना जरूरी है कि “+++” कोई ऐसा एक समान अंतरराष्ट्रीय मेडिकल स्कोर नहीं है जिसके आधार पर हर अस्पताल में बीमारी की गंभीरता तय की जाती हो। हालांकि, इस रिपोर्ट के संदर्भ में इसे गंभीर या स्पष्ट रूप से बढ़ी हुई चिंता के संकेत के रूप में समझा जा सकता है।
गंभीर चिंता की स्थिति में व्यक्ति को बेचैनी, घबराहट, नींद में परेशानी, तेज धड़कन, सिर भारी लगना और लगातार तनाव जैसे लक्षण हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो व्यक्ति की रोजमर्रा की गतिविधियों और समग्र स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।
10 अगस्त को हुई थी मेडिकल जांच
रिपोर्ट के अनुसार इमरान खान की आखिरी मेडिकल जांच 10 अगस्त 2026 को मेडिकल बोर्ड ने की थी। बोर्ड में नेत्र रोग, कार्डियोलॉजी और मेडिसिन से जुड़े विशेषज्ञ शामिल थे।
मेडिकल जांच के दौरान उनका ब्लड प्रेशर 140/80 mmHg और पल्स 54 प्रति मिनट दर्ज किया गया। रिपोर्ट में ECG सामान्य होने तथा छाती और हृदय के कुछ परीक्षणों में कोई गंभीर असामान्यता नहीं मिलने की बात कही गई है।
इमरान खान ने सिर में भारीपन और दिल की धड़कन तेज होने जैसी शिकायतें भी बताई थीं। वहीं, रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने सीने में दर्द, सीने में भारीपन या सांस लेने में परेशानी की शिकायत नहीं की।
चिंता और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने की सलाह
मेडिकल बोर्ड ने ब्लड प्रेशर और चिंता को नियंत्रित करने के लिए दवाएं देने की बात कही है। इसके अलावा बोर्ड ने रोजाना करीब एक घंटे पैदल चलने और मानसिक रूप से आराम देने वाली गतिविधियां करने की सिफारिश की।
रिपोर्ट में इमरान खान को किताबें, पत्रिकाएं और समाचार पत्र उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की गई है। साथ ही परिवार के साथ मुलाकात का समय बढ़ाने की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार, परिवार के साथ अधिक संपर्क से उनकी चिंता और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
कोर्ट ने अस्पताल में भर्ती कराने का आदेश क्यों दिया?
इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनके परिवार और PTI नेताओं की ओर से लगातार चिंता जताई जा रही थी। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने भी कहा था कि इमरान खान को उनके निजी डॉक्टरों और परिवार की मौजूदगी में बेहतर अस्पताल में इलाज मिलना चाहिए।
इसी पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अदालत ने मेडिकल बोर्ड में निजी चिकित्सक और परिवार के प्रतिनिधि को शामिल करने का निर्देश भी दिया है, जिससे इलाज और स्वास्थ्य मूल्यांकन को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश दिखाई देती है।
रिपोर्ट में जेल में स्वास्थ्य देखभाल का भी जिक्र
सुप्रीम कोर्ट को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि जेल में इमरान खान की डाइट की निगरानी की जाती है और उनका दिन में तीन बार मेडिकल चेकअप होता है। रिपोर्ट में 4 नवंबर 2023 से 10 अगस्त 2026 के बीच उनके 39 अलग-अलग मेडिकल विशेषज्ञों द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षणों का सार भी शामिल होने की बात कही गई है।
आंखों के इलाज का भी रिपोर्ट में उल्लेख है। जेल अधिकारियों के अनुसार, उनकी एक आंख की स्थिति लगभग सामान्य हो गई है और उनका इलाज नेत्र रोग विशेषज्ञ द्वारा किया गया है।
परिवार से मुलाकात को लेकर भी विवाद
इमरान खान के परिवार और PTI नेताओं की ओर से लंबे समय से यह मांग की जाती रही है कि उन्हें अपने परिवार और निजी डॉक्टरों से नियमित मुलाकात की सुविधा दी जाए। वहीं जेल अधिकारियों की रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी की मंगलवार को नियमित मुलाकात होती रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों के बीच अब तक 84 मुलाकातें हो चुकी हैं। जेल अधिकारियों ने यह भी कहा कि इमरान खान के स्वास्थ्य की समय-समय पर सरकारी डॉक्टरों द्वारा जांच की गई है।
अब 16 सितंबर को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर को तय की है। अदालत के निर्देश के अनुसार उस समय इमरान खान की मेडिकल रिपोर्ट पेश की जानी है।
फिलहाल मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज ‘Anxiety +++’ को गंभीर चिंता के संकेत के रूप में देखा जा सकता है, लेकिन केवल इस एक शब्द से किसी व्यक्ति की पूरी मानसिक या शारीरिक स्वास्थ्य स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता। इसके लिए डॉक्टरों की विस्तृत जांच, लक्षणों की अवधि, उपचार की प्रतिक्रिया और अन्य मेडिकल रिपोर्ट को साथ में देखना जरूरी होता है।