BJP की नई टीम में MP का दबदबा: राम माधव–स्मृति की वापसी, 6 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी
नितिन नवीन की 65 सदस्यीय नई भाजपा राष्ट्रीय टीम में मध्यप्रदेश के 6 नेताओं को जगह मिली है। राम माधव और स्मृति ईरानी की वापसी के साथ गजेंद्र पटेल महासचिव बने हैं।
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नितिन नवीन ने 65 सदस्यीय भाजपा राष्ट्रीय टीम का ऐलान किया।
राम माधव उपाध्यक्ष और स्मृति ईरानी महासचिव बनकर लौटे।
मध्यप्रदेश के 6 नेताओं को नई राष्ट्रीय जिम्मेदारियां मिलीं।
गजेंद्र पटेल महासचिव और लाल सिंह आर्य राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने।
डिजिटल रणनीति में बदलाव के तहत दीपक म्हस्के को सोशल मीडिया कन्वीनर बनाया गया।
नई दिल्ली।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने नई राष्ट्रीय टीम का ऐलान कर दिया है।
उन्होंने संगठन में अनुभव, युवा नेतृत्व, महिला प्रतिनिधित्व और क्षेत्रीय संतुलन का नया समीकरण साधने की कोशिश की है।
65 सदस्यीय कार्यकारिणी में मध्यप्रदेश को खासा प्रतिनिधित्व मिला है।
राज्य से 6 नेताओं को अलग-अलग अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
नई टीम की सबसे चर्चित बात राम माधव और स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय संगठन में वापसी है।
राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जबकि स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
वहीं, मध्यप्रदेश के सांसद गजेंद्र पटेल को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर पार्टी ने राज्य की हिस्सेदारी और मजबूत की है।
मप्र से 6 चेहरे, संगठन से लेकर मीडिया तक जिम्मेदारी
नितिन नवीन की टीम में मध्यप्रदेश के नेताओं को कई स्तरों पर जगह मिली है।
लाल सिंह आर्य को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
गजेंद्र पटेल राष्ट्रीय महासचिव होंगे,
जबकि राज्यसभा सांसद कविता पाटीदार को राष्ट्रीय सचिवकी जिम्मेदारी मिली है।
इसके अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा को ऑल सेल्स को-ऑर्डिनेटर,
आशीष अग्रवालको मीडिया को-कन्वीनर
और वंशीलाल गुर्जर को किसान मोर्चाका राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
मध्यप्रदेश के नेताओं की नई जिम्मेदारियां
लाल सिंह आर्य — राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
गजेंद्र पटेल — राष्ट्रीय महासचिव
कविता पाटीदार — राष्ट्रीय सचिव
विष्णु दत्त शर्मा — ऑल सेल्स कोऑर्डिनेटर
आशीष अग्रवाल — मीडिया को-कन्वीनर
वंशीलाल गुर्जर — किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष
राम माधव और स्मृति ईरानी की वापसी
नई कार्यकारिणी में सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश अनुभवी नेताओं की वापसी से जुड़ा है।
राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर फिर केंद्रीय संगठन में अहम भूमिका दी गई है।
वहीं, स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी मिली है।
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनी रहेंगी।
राष्ट्रीय संगठन मंत्री बीएल संतोष अपने पद पर बरकरार हैं।
दीपक म्हस्के संभालेंगे सोशल मीडिया मोर्चा
भाजपा की डिजिटल रणनीति में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
अमित मालवीय को हटाकर दीपक म्हस्केको सोशल मीडिया कन्वीनर की जिम्मेदारी दी गई है।
म्हस्के की पृष्ठभूमि सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रही है।
वे केमिस्ट्री के प्रोफेसर रह चुके हैं और चुनावी डेटा एनालिसिस, कृषि, सरकारी योजनाओं तथा पब्लिक सेक्टर से जुड़े कार्यों का अनुभव रखते हैं।
ऐसे में भाजपा की डिजिटल और सोशल मीडिया रणनीति में नए प्रयोग देखने को मिल सकते हैं।
12 महिलाओं को जिम्मेदारी, एमपी से कविता पाटीदार
नितिन नवीन की नई राष्ट्रीय टीम में 12 महिलाओं को जगह मिली है।
वसुंधरा राजे, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, वर्षाबेन दोशी, डॉ. भारती पवार और मधु चंद्राकर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
स्मृति ईरानी राष्ट्रीय महासचिव होंगी।
वहीं कविता पाटीदार, फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
प्रीति गांधी को सोशल मीडिया सह-संयोजक बनाया गया है।
यूपी से मुस्लिम चेहरे भी शामिल
भाजपा ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन का भी संदेश दिया है।
उत्तर प्रदेश से प्रोफेसर तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है।
वहीं, कुंवर बासित को अल्पसंख्यक मोर्चा की जिम्मेदारी दी गई है।
नई टीम में किसके पास कौन-सी जिम्मेदारी?
राष्ट्रीय संगठन मंत्री के रूप में बीएल संतोष बने रहेंगे।
शिवप्रकाश और सौदान सिंह राष्ट्रीय संयुक्त संगठन मंत्री होंगे।
पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और राजेश मंगल को संयुक्त कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई है।
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में वसुंधरा राजे, तीरथ सिंह रावत, राम माधव, बैजयंत पांडा, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा, मनप्रीत सिंह बादल और लाल सिंह आर्य जैसे नेताओं को शामिल किया गया है।
महासचिवों की सूची में विनोद तावडे, सुनील बंसल, विप्लव देव, स्मृति ईरानी, हरीश द्विवेदी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया शामिल हैं।
नई टीम का बड़ा संदेश क्या है?
भाजपा की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी में तीन स्पष्ट संकेत दिखाई देते हैं—अनुभवी नेताओं की वापसी,
राज्यों को संतुलित प्रतिनिधित्व और डिजिटल संगठन में बदलाव।
मध्यप्रदेश को मिली 6 जिम्मेदारियां यह भी बताती हैं कि राष्ट्रीय संगठन में राज्य की भूमिका आगे और महत्वपूर्ण हो सकती है।
विशेष रूप से गजेंद्र पटेल को महासचिव, लाल सिंह आर्य को उपाध्यक्ष ,वीडी शर्मा को आल सेल्स को—आर्डीनेटर और आशीष अग्रवाल को मीडिया को-कन्वीनर बनाए जाने से मध्यप्रदेश की राजनीतिक और संगठनात्मक हिस्सेदारी मजबूत हुई है।