एमपी में 2 बड़े बदलाव, अस्पताल आउटसोर्स होंगे, दुकानें 24 घंटे खुलने की अनुमति

मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अस्पतालों का संचालन निजी हाथों में सौंपा जाएगा और दुकानें 24 घंटे खुल सकेंगी। यह फैसला छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए राहत भरा है। सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्ट बताया है और अगले पांच साल तक लागू रखेगी।

मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अस्पतालों का संचालन निजी हाथों में सौंपा जाएगा और दुकानें 24 घंटे खुल सकेंगी। यह फैसला छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए राहत भरा है। सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्ट बताया है और अगले पांच साल तक लागू रखेगी। निजी एजेंसी को अस्पताल का पूरा संचालन-प्रबंधन देखना होगा और मरीजों को समय पर सही इलाज मिले, यह एजेंसी की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

निजी अस्पतालों का संचालन निजी हाथों में

मध्य प्रदेश सरकार ने अस्पतालों का संचालन निजी हाथों में सौंपने का फैसला लिया है। पहले चरण में रीवा, देवास और गुना जिलों को चुना गया है। इन तीन जिलों की कुल 18 सीएचसी इस व्यवस्था में शामिल की गई हैं। सरकार ने इसे पायलट प्रोजेक्ट बताया है और अगले पांच साल तक लागू रखेगी। निजी एजेंसी को अस्पताल का पूरा संचालन-प्रबंधन देखना होगा और मरीजों को समय पर सही इलाज मिले, यह एजेंसी की मुख्य जिम्मेदारी होगी।

निजी एजेंसी को अस्पताल का प्रबंधन करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। बेसिक सर्जरी और ओपीडी सेवाएं भी इसी दायरे में हैं। आईपीडी सेवाओं के लिए जरूरी दवा सरकार खुद देगी।

दुकानें 24 घंटे खुलेंगी, कारोबारियों को राहत

मध्य प्रदेश सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सातों दिन खुलने की अनुमति दी है। ये प्रतिष्ठान 24 घंटे तक भी खुल सकेंगे। यह फैसला छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए राहत भरा है। रात में काम करने वाले उद्योगों को भी इससे फायदा मिलेगा। अब दुकान या प्रतिष्ठान को बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराने पर प्रमाण-पत्र और यूनिक पहचान नंबर मिल जाएगा।

इस बदलाव से कारोबारियों का समय और पैसा दोनों बचेगा। यह बदलाव मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता के तहत हुआ है। इसे मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने किया है।

निजी अस्पतालों के लिए मापदंड और जिम्मेदारियां

निजी एजेंसी को अस्पताल का प्रबंधन करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। बेसिक सर्जरी और ओपीडी सेवाएं भी इसी दायरे में हैं। आईपीडी सेवाओं के लिए जरूरी दवा सरकार खुद देगी।

  • निजी एजेंसी को अस्पताल का प्रबंधन करने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।
  • बेसिक सर्जरी और ओपीडी सेवाएं भी इसी दायरे में हैं।
  • आईपीडी सेवाओं के लिए जरूरी दवा सरकार खुद देगी।

दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए बदलाव

मध्य प्रदेश सरकार ने दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सातों दिन खुलने की अनुमति दी है। ये प्रतिष्ठान 24 घंटे तक भी खुल सकेंगे। यह फैसला छोटे और बड़े दोनों तरह के व्यापारियों के लिए राहत भरा है। रात में काम करने वाले उद्योगों को भी इससे फायदा मिलेगा। अब दुकान या प्रतिष्ठान को बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी। एक बार ऑनलाइन पंजीयन कराने पर प्रमाण-पत्र और यूनिक पहचान नंबर मिल जाएगा।

इस बदलाव से कारोबारियों का समय और पैसा दोनों बचेगा। यह बदलाव मप्र कार्यस्थल सशक्तिकरण संहिता के तहत हुआ है। इसे मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने किया है।