मध्य प्रदेश सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब 500 सरकारी स्कूलों में AI लर्निंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 10 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी। यह फैसला मध्य प्रदेश के शिक्षा प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस फैसले को लेकर कहा है कि यह फैसला राज्य के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसके अलावा 32 हजार 70 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। यह प्रस्ताव मध्य प्रदेश के हेल्थ सेक्टर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने पर केंद्रित है।
AI लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत
मध्य प्रदेश सरकार ने मिशन बुनियादी के तहत 8 जिलों के 500 सरकारी स्कूलों में AI लर्निंग प्रोग्राम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह प्रोग्राम कक्षा 8वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए फेज-वाइज लागू किया जाएगा।
इसके लिए नया एआई करिकुलम तैयार किया जा रहा है। कंटेंट को इंफॉर्मेटिव और अपडेटेड बनाने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और लीडिंग एजुकेशनल इंस्टीटूशन्स के साथ पार्टनरशिप की जाएगी।
शिक्षक भर्ती और विकास प्रस्ताव
स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भारी कमी दूर होगी। सरकार जल्द 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती करेगी। लगातार 3 साल 100% रिजल्ट देने पर इनाम मिलेगा। ऐसे स्कूल के प्रिंसिपल को एक लाख रुपए दिए जाएंगे।
स्कूल के विकास के लिए पांच लाख रुपए अलग मिलेंगे। मध्य प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और वेलफेयर को एक नया बूस्ट देने के लिए मोहन कैबिनेट ने एक बड़ा फाइनेंसियल डिसिशन लिया है।
AI लर्निंग के फायदे
इस पहल से सरकारी स्कूलों के बच्चे फ्यूचरिस्टिक टेक्नोलॉजी से शुरुआत से ही जुड़ सकेंगे। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से छात्रों को नई स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा।
इसके अलावा शिक्षा नीति में सुधार के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। शिक्षा सुधार के लिए सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं।
- AI लर्निंग प्रोग्राम की शुरुआत 500 सरकारी स्कूलों में होगी।
- 10 हजार शिक्षकों की भर्ती होगी।
- 32 हजार 70 करोड़ रुपए के विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है।
मध्य प्रदेश सरकार का यह फैसला राज्य के शिक्षा प्रणाली में एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है।
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