आसमान में होने वाली एक दुर्लभ खगोलीय घटना को लेकर यूरोप के कई हिस्सों में लोगों के बीच उत्साह है। पूर्ण सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा कुछ समय के लिए सूर्य को पूरी तरह ढक लेगा और इसके चलते दिन में कुछ देर के लिए अंधेरा छा जाएगा। यह खगोलीय घटना उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल के कुछ हिस्सों से देखी जा सकेगी।
इस पूर्ण सूर्य ग्रहण को लेकर दावा किया जा रहा है कि यूरोप के कई हिस्सों में लोगों को करीब 27 वर्षों बाद ऐसा नजारा देखने को मिलेगा। ग्रहण का पूर्ण चरण करीब दो मिनट तक रहने की बात कही गई है। हालांकि, इसकी वास्तविक दृश्यता स्थान के अनुसार अलग-अलग होगी।
क्या होता है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
सूर्य ग्रहण उस समय होता है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा सूर्य के प्रकाश का कुछ या पूरा हिस्सा पृथ्वी तक पहुंचने से रोक देता है।
जब चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, तो इसे पूर्ण सूर्य ग्रहण कहा जाता है। इस दौरान सूर्य के चारों ओर उसकी बाहरी परत यानी कोरोना दिखाई दे सकती है। यही वजह है कि पूर्ण सूर्य ग्रहण को खगोल विज्ञान की सबसे आकर्षक घटनाओं में गिना जाता है।
किन देशों में दिखाई देगा ग्रहण?
ग्रहण का दृश्य क्षेत्र सीमित होता है। पूर्ण ग्रहण केवल उस संकरे क्षेत्र में दिखाई देता है, जहां चंद्रमा की गहरी छाया पृथ्वी की सतह पर पड़ती है।
इस बार बताए गए प्रमुख दृश्य क्षेत्रों में उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल शामिल हैं। हालांकि, हर स्थान से ग्रहण का एक जैसा चरण दिखाई नहीं देगा। कुछ इलाकों में पूर्ण ग्रहण, जबकि अन्य क्षेत्रों में आंशिक ग्रहण दिखाई दे सकता है।
करीब 98 करोड़ लोगों तक पहुंच सकता है नजारा
इस खगोलीय घटना की दृश्यता का क्षेत्र काफी बड़ा बताया जा रहा है। अनुमान के मुताबिक, करीब 98 करोड़ लोग ऐसे क्षेत्रों में हो सकते हैं जहां ग्रहण के किसी न किसी चरण को देखा जा सकेगा।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी लोग पूर्ण सूर्य ग्रहण देख पाएंगे। पूर्ण ग्रहण देखने के लिए व्यक्ति का उस विशेष मार्ग में मौजूद होना जरूरी है, जहां चंद्रमा की पूर्ण छाया पहुंचती है।
सूर्य ग्रहण को सीधे आंखों से देखना खतरनाक
सूर्य ग्रहण देखने के दौरान सबसे जरूरी बात आंखों की सुरक्षा है। सूर्य को सीधे देखने से आंखों को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। सामान्य धूप के चश्मे, कैमरा फिल्टर या बिना प्रमाणित उपकरणों के जरिए सूर्य को देखना सुरक्षित नहीं माना जाता।
ग्रहण देखने के लिए मानक सुरक्षा वाले सोलर व्यूइंग ग्लास या प्रमाणित सोलर फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए। कैमरा, दूरबीन या टेलीस्कोप से सूर्य को देखने के लिए भी उचित सोलर फिल्टर जरूरी है।
अलग-अलग जगहों पर अलग होगा समय
सूर्य ग्रहण एक ही समय पर हर स्थान से दिखाई नहीं देता। किसी इलाके में ग्रहण शुरू होने, अधिकतम चरण और समाप्त होने का समय दूसरे इलाके से अलग हो सकता है।
इसलिए जो लोग ग्रहण देखना चाहते हैं, उन्हें अपने स्थान के अनुसार स्थानीय समय और दृश्यता की जानकारी पहले से जांच लेनी चाहिए।
क्यों खास है पूर्ण सूर्य ग्रहण?
पूर्ण सूर्य ग्रहण केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों और खगोलविदों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। पूर्ण ग्रहण के दौरान सूर्य के कोरोना का अध्ययन करने का अवसर मिलता है। इसके अलावा, यह घटना लोगों को खगोल विज्ञान और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूक करने में भी अहम भूमिका निभाती है।
ग्रहण से जुड़ी प्रमुख बातें
- घटना: पूर्ण सूर्य ग्रहण
- प्रमुख दृश्य क्षेत्र: उत्तरी रूस, ग्रीनलैंड, आइसलैंड, स्पेन और पुर्तगाल
- पूर्ण चरण: करीब दो मिनट
- अनुमानित संभावित दर्शक: लगभग 98 करोड़
- सुरक्षा: प्रमाणित सोलर व्यूइंग ग्लास का इस्तेमाल जरूरी
पूर्ण सूर्य ग्रहण एक दुर्लभ और आकर्षक खगोलीय घटना है, लेकिन इसे देखने के दौरान आंखों की सुरक्षा को सबसे अधिक प्राथमिकता देनी चाहिए। ग्रहण की वास्तविक दृश्यता और समय आपके स्थान पर निर्भर करेगा। इसलिए इसे देखने से पहले स्थानीय समय, मौसम और सुरक्षित देखने के साधनों की जानकारी जरूर हासिल करें।