राम मंदिर चढ़ावा चोरी: एसआईटी ने तीन दिन बाद भी नहीं सौंपी रिपोर्ट

राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले में ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारी को बचाने की जद्दोजहद चल रही है, ताकि वह बेदाग रह सकें। इसलिए मंथन चल रहा है कि किस पर और किस तरह की कार्रवाई की जाए। एसआईटी को लौटे तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक नहीं पहुंच सकी है।

राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी का मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के पदाधिकारी उसे दबाने में जुटे थे। एसआईटी की टीम ने छानबीन की और साक्ष्य जुटाए। इसमें एक बड़ा नाम भी शामिल है, जिनकी ट्रस्ट में भूमिका सबसे अहम मानी जाती है। सोशल मीडिया पर उनको लेकर तमाम चर्चाएं भी हैं। सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में देरी की वजह भी इसी नाम को माना जा रहा है। जब तक इस बारे में ऊपर यानी दिल्ली से निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है। इसके अलावा, एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था।

एसआईटी की जांच और साक्ष्य

एसआईटी की टीम ने छह दिन तक अयोध्या में तफ्तीश कर चढ़ावे में हेरफेर के साक्ष्य जुटाए। इसमें यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था।

इसके अलावा, एसआईटी ने एक तरफ आपराधिक कृत्य करने वालों की सूची तैयार की और दूसरी तरफ लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए।

See also  ऑपरेशन सिंदूर लीड करने वाले एयर मार्शल के हाथ राम मंदिर की कमान! अयोध्या को मिला पहला CEO

बड़े पदाधिकारी को बचाने की कोशिश

सूत्रों के मुताबिक, कार्रवाई में देरी की वजह भी इसी नाम को माना जा रहा है। जब तक इस बारे में ऊपर यानी दिल्ली से निर्देश नहीं मिलेंगे, तब तक कोई कार्रवाई संभव नहीं है।

इस मामले में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए एसआईटी की टीम ने काफी मेहनत की है।

Ram Mandir मामले में साक्ष्य और जांच

एसआईटी की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर किस तरह रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था।

  • एसआईटी की रिपोर्ट में बड़े पदाधिकारी का नाम शामिल है।
  • पदाधिकारियों ने नियमों को ताक पर रखकर रिश्तेदारों व करीबियों को मंदिर प्रबंधन में काम पर रखा हुआ था।
  • एसआईटी ने आपराधिक कृत्य करने वालों की सूची तैयार की और लापरवाही बरतने वाले बैंक अधिकारियों व ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम भी रिपोर्ट में शामिल किए।

मामले का भविष्य और कार्रवाई

इस मामले में राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए एसआईटी की टीम ने काफी मेहनत की है।

अब देखना यह है कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।