बदायूं की तीनों बेटिया एक साथ बनी दारोगा रचा इतिहास, नौकरी के साथ भी जारी थी पढ़ाई

बदायूं
कस्बा उघैती की तीन बहनों ने एक साथ दारोगा बनकर परिवार का ही नहीं जिला का भी नाम रौशन कर दिया है। किसान के घर पर जन्म लेने वाली इन तीनों बेटियों ने दारोगा की परीक्षा को एक साथ उत्तीर्ण किया है। इसके बाद तीनों चयनित हुई। एक साथ तीनों बेटियों का चयन होने से घर में खुशी का माहौल है।

नौकरी मिलने के बाद भी नहीं छोड़ी पढ़ाई
आपको बता दें कि कस्बा उघैती निवासी संजीव गुप्ता पेशे से किसान हैं। उनकी तीन बेटियां शिखा, शिल्पी और शैली है। इसी के साथ उनके एक बेटा भी है जिसका नाम अभिषेक है। संजीव ने अपने सभी बच्चों को अच्छी तालीम दी है। बताया जाता है कि संजीव की पत्नी रीना गुप्ता ने कभी भी बेटियों से घर का काम नहीं करवाया। तीनों बहनों ने माधवराम इंटर कॉलेज उघैती से ही इंटर की परीक्षा पास की। इसके बाद चंदौसी से बीएससी औऱ बरेली से एमएससी किया। इसके बाद तीनों ने पुलिस भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी की। शिखा और शैली ने 2018 में सिपाही भर्ती की परीक्षा पास की थी। 2020 में वह पुलिस में तैनात हुई। शिखा मुरादाबाद और शैली लखनऊ में कार्यरत हैं। तीसरी बहन शिल्पी अहमदाबाद में रेलवे में क्लर्क हैं। तीनों बहनों ने नौकरी मिलने के बाद भी पढ़ाई नहीं छोड़ी।

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एक साथ प्रशिक्षण लेने जाएंगी तीनों बहनें
दारोगा भर्ती आने पर तीनों बहनों ने फिर से एक साथ आवेदन किया। ड्यूटी के साथ ही उन्होंने पढ़ाई की और परीक्षा दी। इस पढ़ाई और परीक्षा का परिणाम उन्हें जून के माह में मिल गया। तीनों बहनों ने एक साथ दारोगा भर्ती की परीक्षा को पास कर लिया। उनकी मेडिकल की प्रक्रिया भी हो गई है। इस बीच परिवार में हर्ष का विषय बना हुआ है कि तीनों बहने जल्द ही एक साथ प्रशिक्षण लेने के लिए जाएंगी। वहीं संजीव का बेटा अभिषेक चंदौसी से बीटेक कर रहा है। वह भी तमाम प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगा हुआ है। परिवार और अन्य लोग बताते हैं कि अभिषेक भी पढ़ाई में काफी अच्छा है औऱ वह भी एक दिन पिता का नाम जरूर रौशन करेगा।

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