10 साल में 90% घटीं ट्रेन दुर्घटनाएं, सुरक्षा पर खर्च तीन गुना; संसद में सरकार का दावा

भारतीय रेलवे में सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि पिछले 10 वर्षों में ट्रेन दुर्घटनाओं में लगभग 90 प्रतिशत की कमी आई है, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित जवाब में बताया कि वर्ष 2014-15 में 135 दुर्घटनाएं हुई थीं, जो 2025-26 में घटकर मात्र 16 रह गईं, चालू वित्तीय वर्ष में जून महीने तक केवल दो दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं

नई दिल्ली।

भारतीय रेलवे में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा दावा किया है।

संसद में बताया गया कि पिछले 10 वर्षों में ट्रेन दुर्घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है।

इसके साथ ही सुरक्षा संबंधी खर्च तीन गुना से अधिक बढ़ाया गया है।

10 वर्षों में हादसों में बड़ी गिरावट

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में लिखित उत्तर में बताया कि वर्ष 2014-15 में 135 ट्रेन दुर्घटनाएं दर्ज हुई थीं।

वहीं, वर्ष 2025-26 में यह संख्या घटकर सिर्फ 16 रह गई।

इसके अलावा, चालू वित्तीय वर्ष में जून तक केवल दो दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं।

सरकार ने इसे सुरक्षा सुधारों का परिणाम बताया है।

सुरक्षा बजट तीन गुना से अधिक बढ़ा

रेल मंत्री के अनुसार, सुरक्षा कार्यों पर निवेश लगातार बढ़ाया गया है।

वर्ष 2013-14 में इस मद में 39,200 करोड़ रुपए खर्च हुए थे।

वहीं, वर्ष 2026-27 के लिए यह राशि बढ़ाकर 1,20,389 करोड़ रुपए कर दी गई है।

सरकार का कहना है कि इससे सुरक्षा ढांचे को और मजबूत किया गया।

नई तकनीक से बढ़ी सुरक्षा

रेलवे ने कई आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां लागू की हैं।

इनमें सेंट्रलाइज्ड इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम प्रमुख हैं।

इसके साथ ही विजिलेंस कंट्रोल डिवाइस भी लगाए गए हैं।

वहीं, अल्ट्रासोनिक फ्लॉ डिटेक्शन टेस्टिंग से पटरियों की नियमित जांच की जा रही है।

स्टाफ प्रशिक्षण पर भी जोर

रेल मंत्रालय ने बताया कि तकनीकी सुधारों के साथ कर्मचारियों का नियमित प्रशिक्षण भी कराया जा रहा है।

निरीक्षण व्यवस्था को भी अधिक प्रभावी बनाया गया है।

सरकार का दावा है कि इन उपायों से यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिल रहा है।