तीजन, भाऊ साहब और वो समय: प्रो. मनोज कुमार

“तीजन बाई से मेरी पहली मुलाकात मध्यप्रदेश आदिवासी लोक कला परिषद के ऑफिस में हुई थी। परिषद की गामक भाऊ साहब यानी खिरवड़कर साहब से थी। कहने को तो वो अफसर थे लेकिन सच्चाई यह कि वे एक स्कूल की तरह थे।”

प्रो. मनोज कुमार,Bhopal. तीजन बाई नहीं रहीं। ख़बर दुखदायक है लेकिन होनी है। अभी वे 70…

भोपाल ने गढ़ी थी पंडवानी की विश्वगाथा: तीजन बाई के निधन से लोक संस्कृति का एक युग अवसान

पद्म विभूषण तीजन बाई के निधन से लोक संस्कृति जगत शोकाकुल है। भोपाल और मध्य प्रदेश से उनके गहरे रिश्तों को याद करते हुए कलाकारों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

रवि अवस्थी,भोपाल/रायपुर। (9826019364) पंडवानी गायन को वैश्विक पहचान दिलाने वाली पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई अब…