ध्रुव राठी ने रिहाई के बाद पासपोर्ट दिखाकर भारतीय नागरिक होने की बात कही और हिरासत के दौरान अपहरण, चोट पहुंचाने तथा फोन-वकील तक पहुंच नहीं देने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, CJP के अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को एक साल तक शांति बनाए रखने की शर्त पर अदालत से रिहाई मिली।